रेजिनगर उपचुनाव: सिंबल बदलने से RSP नाराज, चुनाव मैदान से हटे प्रत्याशी

पश्चिम बंगाल के रेजिंनगर उपचुनाव में चुनाव चिह्न पर विवाद गहराया. RSP ने पारंपरिक सिंबल न मिलने पर चुनाव से हटने की घोषणा की, जिससे पार्टी में नाराजगी बढ़ी.

कोलकाता से कुंदन कुमार झा की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में छह अक्तूबर को होनेवाले विधानसभा उपचुनाव से पहले मुर्शिदाबाद की रेजिनगर सीट पर चुनाव चिह्न को लेकर विवाद गहरा गया है. वाममोर्चा के घटक दल रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) ने अपने पारंपरिक चुनाव चिह्न ‘कुदाल-बेलचा’ नहीं मिलने के विरोध में उपचुनाव से हटने का ऐलान किया है. पार्टी ने रेजिनगर से विकास चंद्र मिश्र को उम्मीदवार बनाया था और क्षेत्र में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था.

पारंपरिक चुनाव चिह्न नहीं मिलने से नाराजगी

आरएसपी के मुताबिक, नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग की ओर से पार्टी को बताया गया कि रेजिनगर उपचुनाव में उसका पारंपरिक चुनाव चिह्न आवंटित करना संभव नहीं है. इसके बदले आयोग ने दूसरे चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ने को कहा. उपलब्ध रिपोर्टों में इस वैकल्पिक चिह्न को लेकर अलग-अलग उल्लेख है, लेकिन सभी रिपोर्टें इस बात पर सहमत हैं कि आरएसपी ने पारंपरिक चिह्न नहीं मिलने के विरोध में चुनाव से हटने की घोषणा की.

बढ़ गयी पार्टी नेतृत्व में नाराजगी

आरएसपी पहले ही विकास चंद्र मिश्र के नामांकन के बाद क्षेत्र में प्रचार अभियान शुरू कर चुकी थी. दीवारों पर पार्टी के समर्थन में नारे और चुनाव चिह्न बनाये गये थे. ऐसे में अंतिम दौर में चुनाव चिह्न को लेकर हुए बदलाव से पार्टी नेतृत्व में नाराजगी बढ़ गयी. सोमवार को पार्टी नेतृत्व ने बैठक के बाद चुनाव से हटने का फैसला सार्वजनिक किया.

आयोग और प्रशासन पर आरएसपी ने उठाये सवाल

आरएसपी ने चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाये हैं. पार्टी नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में जिस तरह से फैसले लिये जा रहे हैं, उससे उपचुनाव की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े होते हैं. पार्टी के राज्य सचिव तपन होड़ ने आयोग के फैसले के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि इसी रवैये के विरोध में आरएसपी ने चुनाव से बाहर रहने का निर्णय लिया है.

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गुजर चुकी है नामांकन वापस लेने की निर्धारित अंतिम तारीख

हालांकि, नामांकन वापस लेने की निर्धारित अंतिम तारीख 19 सितंबर को बीत चुकी है. ऐसे में आरएसपी की ओर से चुनाव से हटने की घोषणा का व्यावहारिक असर सीमित रह सकता है और विकास चंद्र मिश्र का नाम मतपत्र पर बना रहने की स्थिति बतायी गयी है. उपचुनाव के लिए मतदान छह अक्तूबर को होना है, जबकि मतगणना नौ अक्तूबर को होगी.

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लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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