एक्शन. एडीपीसी की तत्परता से करोड़ों की ठगी के शिकार को मिली राहत
दो करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बैंकों में ब्लॉक करवा कर पुलिस ने कराया कोर्ट ऑर्डर, जल्द कुछ और राशि पीड़ित को मिलने की है आस
प्रतिनिधि, आसनसोल/रानीगंज साइबर क्राइम थाना पुलिस की तत्परता से आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) के इतिहास में सबसे बड़ी रकम (16.83 करोड़ रुपये) की साइबर ठगी में पीड़ित डॉ. अरुण कुमार शर्मा को थोड़ी राहत मिली. पुलिस ने उन्हें 1.35 करोड़ रुपये वापस लौटाया, जो अबतक की सबसे बड़ी रिकवरी अमाउंट है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार डॉ शर्मा की कुल ठगी की राशि में से दो करोड़ से अधिक विभिन्न बैंकों में ब्लॉक करवाकर वापसी के लिए अदालत से आदेश करवाया गया है. इसमें से 1.35 करोड़ रुपये वापस हो गया है. 70 लाख रुपये को वापसी को लेकर बैंकों से बात चल रही है. बाकी राशि कहां-कहां गयी, यह भी पता लगाने का प्रयास चल रहा है. मामले में कुल पांच आरोपी गिरफ्तार हैं. अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं. पांच आरोपी हैं गिरफ्तार : इस मामले में बैंक का लिंक पकड़कर पुलिस ने जांच शुरू की. इसमें गुवाहाटी (असम) से भास्कर घोष, मोहम्मद वसीम, विकास शर्मा, नबीउल हक तथा पूर्व मेदिनीपुर के पांसकुड़ा का अरूप नायक गिरफ्तार किया गया. इन्ही से मिली लीड के आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है.पुलिस की बढ़ी परेशानी: पुलिस के अनुसार ठगी की राशि असम, महाराष्ट्र, केरला, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों के अनेकों बैंकों में ठगी की राशि ट्रांसफर किया गया. यह राशि कुछ ही दिनों के अंदर सैकड़ों खाते में फैल गया. जिसकी जांच चल रही है. फिलहाल 1.35 करोड़ रुपये वापस किया गया है और 70 लाख रुपये की वापसी को लेकर बैंकों से बात चल रही है.
