वंदे भारत में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध बना बंगाल में मुद्दा, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने की रेलमंत्री से बात

Vande Bharat : बंगाल से भाजपा सांसद और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने बताया कि रेल मंत्री ने उन्हें बताया है कि शुरुआत में उन्होंने शाकाहारी भोजन से शुरुआत की थी. वंदे भारत स्लीपर में मांसाहारी भोजन भी उपलब्ध होगा, क्योंकि पूर्वी भारत के असम और बंगाल के लोग मुख्य रूप से मांसाहारी हैं.

Vande Bharat: कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग दस दिन पहले बंगाल के मालदा से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन किया था. ट्रेन के शुरू होते ही भोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया. वंदे भारत स्लीपर में केवल शाकाहारी भोजन परोसा जा रहा है. मांसाहारी भोजन उपलब्ध नहीं है. माछ-प्रधान बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को निशाना बनाते हुए इसे मुद्दा बनाया है. चुनाव प्रचार में इसपर बातें हो रही हैं. तृणमूल के लोग मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाने की भाजपा सरकार की मंशा के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं. तृणमूल के विरोध को देखते हुए बंगाल से भाजपा सांसद और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की है.. रेल मंत्री से बात करने के बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है.

मांसाहार भोजन का होगा प्रावधान

बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने सुकांत मजूमदार ने बताया कि उन्होंने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में शाकाहारी भोजन को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ाने के लिए रेल मंत्री को फोन किया था. उन्होंने कहा- मैंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णवी जी से बात की है. मैंने उनसे कहा कि तृणमूल कांग्रेस वंदे भारत स्लीपर में मांसाहारी भोजन परोसे जाने का राजनीतिक मुद्दा उठा रही है, जबकि वहां मांसाहारी भोजन नहीं परोसा जाता. मैंने उनसे बात की. रेल मंत्री ने मुझे बताया कि शुरुआत में हमने शाकाहारी भोजन से शुरुआत की थी. वंदे भारत स्लीपर में मांसाहारी भोजन भी उपलब्ध होगा, क्योंकि पूर्वी भारत के असम और बंगाल के लोग मुख्य रूप से मांसाहारी हैं.

कब से मिलेगा मांसाहार यह तय नहीं

सुकांत मजूमदार के अनुसार रेलमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि मांसाहारी भोजन भी उपलब्ध होगा, लेकिन, वंदे भारत स्लीपर में मांसाहारी भोजन कब से उपलब्ध होगा, इसकी तारीख नहीं बता सकते हैं. उन्होंने कहा- इसे धीरे-धीरे शुरू करना होगा. यह एक साथ उपलब्ध नहीं हो सकता. अगर वंदे भारत के मैन्यू में मांसाहारी भोजन शामिल भी कर लिया जाए, तो भी वह इसके होने की गारंटी नहीं दे सकते. विधानसभा चुनाव से पहले यह व्यवस्था हो पायेगी या नहीं इस संबंध में कोई ठो उत्तर मजूमदार नहीं दे पाये. यह देखना बाकी है कि तृणमूल कांग्रेस विधानसभा चुनाव प्रचार में इस मुद्दे को उठाएगी या नहीं.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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