केंद्रीय योजना से वंचित हो रहे बंगाल के छात्र

पश्चिम बंगाल सरकार पर एक और केंद्रीय योजना को राज्य में लागू नहीं करने का आरोप लगा है. पुरुलिया से भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने बंगाल में प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया के क्रियान्वयन के संबंध में केंद्र सरकार से जानकारी मांगी थी. इसके जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया के तहत किसी भी परियोजना के लिए एक भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किया हैं.

कोलकाता.

पश्चिम बंगाल सरकार पर एक और केंद्रीय योजना को राज्य में लागू नहीं करने का आरोप लगा है. पुरुलिया से भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने बंगाल में प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया के क्रियान्वयन के संबंध में केंद्र सरकार से जानकारी मांगी थी. इसके जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया के तहत किसी भी परियोजना के लिए एक भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किया हैं.

बताया गया है कि केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की ओर से राज्य के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को 15 सितंबर 2022, 6 फरवरी 2023, 13 मार्च 2023, 9 अक्टूबर 2023, 23 फरवरी 2024 और 7 मार्च 2024 को पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई जवाब नहीं मिला है.

परिणामस्वरूप, पश्चिम बंगाल में छात्र आधुनिक शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और शिक्षा के नए क्षितिज से वंचित हो रहे हैं. इसके बाद ही भाजपा सांसद ने कहा है कि शिक्षा विरोधी, छात्र विरोधी तृणमूल सरकार पश्चिम बंगाल के छात्रों को प्रधानमंत्री-श्री योजना से वंचित कर रही है.

क्या है प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया योजना :

केंद्र प्रायोजित योजना पीएम श्री (पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) को 7 सितंबर, 2022 को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया. इस योजना के तहत केंद्र सरकार/राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकार/स्थानीय निकायों द्वारा प्रबंधित स्कूलों में से मौजूदा स्कूलों को सुदृढ़ करके 14500 से अधिक पीएम श्री स्कूल (पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) स्थापित करने का प्रावधान है. ये स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन को प्रदर्शित करते हैं और समय के सापेक्ष आदर्श स्कूल के रूप में उभरते हैं, और पड़ोस के अन्य स्कूलों को नेतृत्व भी प्रदान करते हैं. पीएम श्री स्कूल अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूल में न्यायसंगत, समावेशी और आनंदमय वातावरण में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में नेतृत्व प्रदान करते हैं. पीएम श्री स्कूलों का चयन पारदर्शी चुनौतीपूर्ण पद्धति के माध्यम से किया जाता है, जिसमें स्कूल आदर्श स्कूल बनने के लिए सहायता हेतु प्रतिस्पर्धा करते हैं. इस परियोजना की कुल लागत पांच वर्षों की अवधि में 27360 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 18128 करोड़ रुपये का केंद्रीय अंश शामिल है.

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Published by: Bijay kumar

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