एसआइआर तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने की साजिश : ब्रात्य

अमित शाह ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ विस्तृत आरोपपत्र पेश किया, तो दूसरी ओर यहां तृणमूल भवन में आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु, सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने पलटवार करते हुए 15 पन्नों की चार्जशीट को पेश किया, जिसमें भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर सवाल उठाये गये.

कोलकाता.

राज्य विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक घमासान चरम पर पहुंच गया है. आरोप-प्रत्यारोप की इस जंग में अब ‘चार्जशीट बनाम चार्जशीट’ की सियासत शुरू हो गयी है. एक ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ विस्तृत आरोपपत्र पेश किया, तो दूसरी ओर यहां तृणमूल भवन में आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु, सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने पलटवार करते हुए 15 पन्नों की चार्जशीट को पेश किया, जिसमें भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर सवाल उठाये गये.

ब्रात्य बसु ने कहा कि भाजपा द्वारा उठाये गये सभी मुद्दों के जवाब उनके पास तैयार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआइआर भाजपा की साजिश है, जिसका उद्देश्य तृणमूल को कमजोर करना है. राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब भाजपा को देगी.

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा को घेरा : तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह महिलाओं की सुरक्षा की बात कर रहे हैं. भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा की क्या स्थिति है? शाह को सबसे पहले महाराष्ट्र, राजस्थान व मणिपुर में हो रही हिंसा का जवाब देना चाहिए, जहां पिछले तीन वर्षों से लगातार रक्तपात हो रहा है. उन्होंने उन्नाव और हाथरस जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि जिन लोगों के राज में ऐसी घटनाएं होती हैं, उन्हें महिला सुरक्षा पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है.

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Published by: Bijay kumar

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