करोड़ों की संपत्ति बेच कर मध्यप्रदेश में बस गया पीड़ित का परिवार
कल्याणी. नदिया जिला के राणाघाट थाने के नोकड़ी जाहुरा मंदिर के पास स्थित रंजीत घटक और अंजलि घटक के घर पर लंबे समय से कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी. परिवार ने आरोप लगाया कि इलाके के कई प्रभावशाली नेता घर पर कब्जा करने के लिए दबाव बना रहे थे, लेकिन जब उन्होंने पुलिस में शिकायत की, तो कोई कार्रवाई नहीं हुई.
आरोप है कि रानीघाट के एक बुज़ुर्ग को सत्तापक्ष के एक युवा नेता द्वारा लगातार जान से मारने की धमकियां दी गयीं, जिसके कारण वह अपनी जमीन छोड़ कर दूसरे राज्यों में भागने के लिए मजबूर हो गये. उन्होंने अपनी करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी पानी के भाव बेच दी है. इससे इलाके में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है.
रंजीत घटक व अंजलि घटक ने राणाघाट के नोकड़ी इलाके को छोड़ कर मध्य प्रदेश के भोपाल में शरण ली है. आरोप हैं कि तृणमूल के पूर्व यूथ प्रेसिडेंट दीपांकर मोदक और उनके साथी मधु विश्वास ने उन्हें बार-बार जान से मारने की धमकी दी थी, साथ ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. रंजीत ने कहा कि इन नेताओं ने उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की. उन्होंने पुलिस पर भी उंगलियां उठायी हैं, क्योंकि उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
रंजीत घटक, जो पहले राणाघाट पंचायत समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं और सीनियर तृणमूल नेता जगदीश मंडल के रिश्तेदार हैं, अब अपनी जमीन बेचकर भोपाल चले गये हैं.
वहीं, तृणमूल नेता दीपांकर मोदक ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि रंजीत घटक कर्ज के दबाव में आकर घर बेचने की बात कर रहे हैं और कोई जबरदस्ती नहीं हुई है. वहीं, भाजपा ने आरोप लगाया है कि राणाघाट में सत्तापक्ष की अंदरूनी लड़ाई और पावर स्ट्रगल के कारण ऐसी घटनाएं घट रही हैं. वहीं, पुलिस की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.
