काली साड़ी पहन कर सड़क पर उतरी तृणमूल कार्यकर्ता, गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का किया विरोध

Gas Prices: गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ तृणमूल की महिला कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में महिलाएं काली साड़ी पहनकर शामिल हुईं.

Gas Prices: कोलकाता: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर तृणमूल की महिला कार्यकर्ताओं ने घरेलू गैस की बढ़ी कीमतों का विरोध प्रदर्शन किया. महिलाएं बर्तन, कटोरी, घटी, आस्तीन और खुंटी लेकर विरोध प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरी. इस विरोध प्रदर्शन में अधिकतर महिलाएं काली साड़ी या काले कपड़े पहनकर शामिल हुईं. शनिवार को ममता बनर्जी ने महिलाओं से आग्रह किया था कि वो मानवता की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरें. जरूरत पड़ने पर काली साड़ी पहनें. ममता बनर्जी ने धरने के मंच से जोरदार भाषण दिया था. इसके बाद रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाएं मैदान में उतरी हैं.

किसी के हाथ थाली तो किसी के हाथ बर्तन

सुबोध मल्लिक चौक पर तृणमूल के विरोध प्रदर्शन में अधिकतर महिलाएं काली साड़ियां और काले कपड़े पहनकर शामिल हुईं. वे थालियां और ढोल बजाकर पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का विरोध कर रही रही थी. राज्य मंत्री शशि पांजा से लेकर चंद्रिमा भट्टाचार्य तक, प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के विरोध में काली साड़ियां पहनीं. ममता बनर्जी ने भी हाथ में प्रतीकात्मक सिलेंडर लेकर विरोध प्रदर्शन किया. हर साल तृणमूल कांग्रेस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती है. इस बार मध्य पूर्व युद्ध के दौरान पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने इसे एक नया आयाम दे दिया है. साथ ही, चुनाव भी नजदीक आ रहे हैं.

भाजपा सरकार पर हमला

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इसके चलते ममता बनर्जी द्वारा मतदान-प्रधान बंगाल में एसआईआर के विरोध में धरने के मंच से दिए गए आह्वान और अगले दिन पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा सड़कों पर उतरने से बंगाल भाजपा पर दबाव काफी बढ़ जाएगा. एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने धरने के मंच से केंद्र सरकार पर गैस की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर जमकर हमला बोला. उन्होंने गुस्से में आकर कहा- गैस की कीमत में 60 टका की बढ़ोतरी हुई है. इससे पहले 49 टका की बढ़ोतरी हुई थी. बड़े सिलेंडर की कीमत 2100 टका हो गई है और छोटे सिलेंडर की कीमत 1000 टका हो गई है. वे कहते हैं कि 21 दिन पहले बुकिंग करानी होगी. जिस व्यक्ति के घर में गैस खत्म हो जाए, क्या वह 21 दिन खाना बनाएगा. क्या आप पहले इन बातों के बारे में नहीं सोचते. लोग क्या खाएंगे.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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