मुख्य बातें
Suvendu Adhikari: दुर्गापुर. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से शुभेंदु अधिकारी सभी दलों को साथ लेकर चलने का संदेश दे रहे हैं. विधानसभा में खड़े होकर उन्होंने कहा कि भले ही पिछली सरकार ने विपक्ष के नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया, लेकिन भाजपा सरकार विपक्ष को बोलने का मौका देगी. शुभेंदु अधिकारी ने बार-बार स्पष्ट किया है कि वे राज्य के विकास के लिए विपक्ष के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. वे विभाजनकारी राजनीति में विश्वास नहीं रखते. इसलिए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दुर्गापुर में प्रशासनिक बैठक में तृणमूल विधायकों (टीएमसी विधायकों) को भी आमंत्रित किया था. लेकिन, खबर है कि बैठक में एक भी विधायक उपस्थित नहीं हुए. मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताई. साथ ही उन्होंने तृणमूल की आलोचना करने से भी परहेज नहीं किया.
प्रशासनिक बैठक से अनुपस्थित रहे तृणमूल विधायक
मुख्यमंत्री ने श्रीजानी हॉल में पूर्वी बर्धमान, पश्चिमी बर्धमान, पुरुलिया, बांकुरा और बीरभूम जिलों के लिए एक प्रशासनिक बैठक की. इन पांचों जिलों से तृणमूल के सात विधायकों को भी बैठक में आमंत्रित किया गया था. हालांकि, उनमें से कोई भी नहीं आया. इस संबंध में शुभेंदु अधिकारी ने कहा- हमने तृणमूल के सात विधायकों को बुलाया था. मुरारई के विधायक ने मुझे संदेश भेजकर कहा था कि वो आ रहे हैं, लेकिन वो नहीं आये. तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने इस संबंध में कहा-यह पूरी तरह से पार्टी का निर्णय है. एक गुट कोलकाता विधानसभा में धरना देगा. दूसरा गुट अपने क्षेत्र या किसी अन्य क्षेत्र में पार्टी के निर्देशानुसार कार्य कर रहा था.
शुभेंदु ने ममता से मतभेद को स्पष्ट किया
इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल शासन के दौरान विपक्ष की स्थिति की याद दिला दी. पूर्व मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा- पांच साल पहले ममता बनर्जी ने हमें फोन नहीं किया था. मौजूदा भाजपा मुख्यमंत्री ने उन्हें फोन किया है. दूसरे शब्दों में, शुभेंदु ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा मुख्यमंत्री के बीच का अंतर स्पष्ट कर दिया. ऐसे में राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या तृणमूल सिर्फ विकास के नाम पर नकारात्मक राजनीति करती है, या फिर दोनों साथ मिलकर काम नहीं कर सकते.
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दुर्गा पूजा के बाद होगा निकाय चुनाव
निकाय चुनावों के संबंध में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा- मैं दुर्गापुर के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि संबंधित विभाग के मंत्री अग्निमित्र पॉल या राज्य सरकार दुर्गा पूजा या काली पूजा के बाद कभी भी चुनाव कराने के संबंध में राज्य चुनाव आयोग की सहायता करेंगे. पंचायत और नगरपालिका के बंद होने से आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. किसी भी व्यक्ति या पार्टी को पंचायत कार्यालय पर कब्जा करने का अधिकार नहीं है. इसलिए, हमने पंचायत सचिव को इस पूरे मामले को देखने के लिए कहा है.
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