अपनी ही पार्टी के नेता के निशाने पर हैं तृणमूल विधायक अखिल गिरि

आरोप है कि तृणमूल के ही एक स्थानीय नेता खालेक काजी ने सार्वजनिक रूप से रामनगर के विधायक अखिल गिरि को लेकर विवादास्पद बयान देते हुए उन्हें ‘देख लेने’ की टिप्पणी की है.

कोलकाता/हल्दिया. पूर्व मेदिनीपुर के रामनगर में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के भीतर गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आयी है. आरोप है कि तृणमूल के ही एक स्थानीय नेता खालेक काजी ने सार्वजनिक रूप से रामनगर के विधायक अखिल गिरि को लेकर विवादास्पद बयान देते हुए उन्हें ‘देख लेने’ की टिप्पणी की है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल के संगठनात्मक ढांचे में हाल ही में हुए फेरबदल को लेकर काझी नाराज थे. वह रमनगर-एक पंचायत समिति के वन एवं भूमि कर्माध्यक्ष हैं और लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है और ‘घुटनों के नीचे की उम्र’ के लोगों को अहम पद दिये जा रहे हैं. काजी ने कहा था कि “हम 1998 से इस पंचायत (रामनगर-एक) पर कब्जा जमाये हुए हैं, लेकिन अब हमारी बात कोई नहीं सुनता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में हम लड़ते रहे, पर अब हमारे अनुभव का सम्मान नहीं है. जो लड़के कल तक राजनीति नहीं जानते थे, आज वे ब्लॉक और युवा अध्यक्ष बन गये हैं.” इसके बाद उन्होंने सीधे विधायक गिरि पर निशाना साधते हुए कहा, “क्या दीदी ने उन्हें रबर स्टैम्प बना दिया है? वे सब कुछ अपने हिसाब से कर रहे हैं. जिनके भाई भाजपा में हैं, वे ब्लॉक अध्यक्ष हैं. माकपा परिवार का लड़का युवा अध्यक्ष है. गिरि सोचते हैं कि रामनगर उनकी पुश्तैनी जागीर है. वह मानकर चल रहे हैं कि यहां वोट तो छापे में ही हो जायेगा. अगर वह दोबारा यहां आयें, तो देख लूंगा.” गिरि ने इस धमकी पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार किया. वहीं, तृणमूल के कांथी संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पीयूष पांडा ने कहा कि वह मामले की जानकारी जुटा रहे हैं और संगठन स्तर पर जांच की जायेगी.

इस बीच, भाजपा ने तृणमूल के अंदर चल रही कलह पर तीखा कटाक्ष किया है. भाजपा के कांथी जिला उपाध्यक्ष असीम मिश्रा ने कहा, “जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तृणमूल की असली तस्वीर सामने आ रही है. रामनगर में अब तृणमूल के नेता ही अपने विधायक को धमका रहे हैं.” मिश्रा ने आरोप लगाया कि “तृणमूल के भीतर अब विकास नहीं, कटमनी और इलाका कब्ज़ की राजनीति चल रही है. अखिल गिरि खुद छापे (फर्जी वोटिंग) से जीतने वाले विधायक हैं, अब उनके अपने साथी ही यह कह रहे हैं.” उन्होंने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में रामनगर सीट पर तृणमूल को हार का सामना करना पड़ेगा.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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