एसआइआर प्रक्रिया से घबरा गयी है तृणमूल

कभी जाड़े के मौसम में सुंदर नज़ारे दिखाने की बात, कभी दिल्ली तो कभी देश-विदेश की यात्राएं, ये सब केवल जनता का ध्यान भटकाने की कोशिशें हैं.

पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी के राजनीतिक चरित्र और उनके ड्रामेबाज़ी से भलीभांति परिचित है ः शमिक भट्टाचार्य कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी के राजनीतिक चरित्र और उनके ड्रामेबाज़ी से भलीभांति परिचित है. अब वही सच्चाई दिल्ली भी देख रही है. कभी जाड़े के मौसम में सुंदर नज़ारे दिखाने की बात, कभी दिल्ली तो कभी देश-विदेश की यात्राएं, ये सब केवल जनता का ध्यान भटकाने की कोशिशें हैं. ममता बनर्जी मंगल ग्रह जायें या अंटार्कटिका, लेकिन एसआइआर होकर रहेगा. पश्चिम बंगाल की जनता का स्पष्ट संदेश है- नो एसआइआर, नो वोट. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य की जनता यह तय कर चुकी है कि भले ही एसआइआर प्रक्रिया को रोकने की साजिश की जाये या केंद्रीय एजेंसियों के वैधानिक कार्य में बाधा डाली जाये, तृणमूल कांग्रेस की हार अब तय है. आज देश के 12 राज्यों में एसआइआर की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन कहीं कोई विरोध या अराजकता नहीं है. सवाल यह है कि केवल पश्चिम बंगाल में ही इतना हंगामा क्यों? इसका कारण साफ है – यहां सच्चाई सामने आने का डर है. उन्होंने याद दिलाया कि चार अगस्त 2005 को स्वयं ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण की मांग की थी और कहा था कि वोटर लिस्ट बांग्लादेशी घुसपैठियों से भरी हुई है. आज वही ममता बनर्जी एसआइआर के खिलाफ धरना देने दिल्ली पहुंच गयी हैं. श्री भट्टाचार्य ने इसे घोर राजनीतिक पाखंड और दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया. इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ सुकांत मजूमदार ने कहा कि ममता बनर्जी केवल राजनीतिक ड्रामा कर रही हैं और इसके लिए प्रॉप्स तक का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कोर्ट में कोई ठोस तथ्य नहीं रखा, केवल भड़काऊ और राजनीतिक भाषण दिया. उन्होंने यह भी कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है. अदालत ने कहा है कि वह तथ्यों के आधार पर याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलीलें सुनेगी. आधार कार्ड को लेकर ममता बनर्जी के तथ्यात्मक रूप से गलत बयान को अदालत ने दुरुस्त किया. साथ ही यह भी सामने आया है कि राज्य सरकार ने एसआइआर के लिए पर्याप्त कार्यबल उपलब्ध नहीं कराया, जिसके कारण चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से कदम उठाने पड़े. अंत में डॉ सुकांत मजूमदार ने स्पष्ट कहा कि पश्चिम बंगाल के किसी भी जिला प्रशासन ने यह नहीं कहा है कि एसआइआर के कारण किसी बीएलओ की मृत्यु हुई हो. यह पूरी तरह से भ्रामक और झूठा प्रचार है. भारतीय जनता पार्टी अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ी है. उन्होंने आगे कहा कि डिटेन, डिलीट एंड डिपोर्ट – यही लोकतंत्र की शुद्धता और राष्ट्रहित का मार्ग है. पश्चिम बंगाल की जनता अब पूरी तरह जागरूक है और तृणमूल कांग्रेस की इस राजनीतिक नौटंकी को खारिज कर चुकी है. एसआइआर होगा और तृणमूल कांग्रेस की हार तय है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: GANESH MAHTO

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >