पुराने गाने में फेरबदल कर भाजपा पर साधा जा रहा निशाना
कल्याणी. 20 वर्ष पुराना ओडिया गाना ‘छिह छिह रे ननी छिह’ इस समय सोशल मीडिया पर वायरल है, इतना ही नहीं बल्कि गाने के बंगाली वर्जन ने भी खूब धमाल मचा रखा है. यहां तक कि फनी गाने का इस्तेमाल सिर्फ रील ही नहीं बल्कि कई वीडियो में भी किया जा रहा है. तृणमूल ने अब इसका राजनीतिक इस्तेमाल शुरू कर दिया है. उसने इसका एक पोस्टर बनाकर भाजपा का मखौल उड़ाया है. नदिया जिले का बगुला के नंबर 2 पंचायत इलाका बुधवार सुबह से ही ‘रे ननी’ के पोस्टरों से पट गया है. सड़कों पर अलग-अलग जगहों पर भाजपा के खिलाफ छह पोस्टर लगे हैं.
पोस्टरों में विभिन्न कविताओं और गीतों के रूप में भाजपा के खिलाफ नारे हैं और वायरल गाने के रूप में उनमें लिखा गया है. तृणमूल के कार्यकर्ता शिशिर रॉय ने कहा कि पिछले ढाई साल से इस पंचायत पर भाजपा का कब्जा है. पंचायत की प्रधान सुष्मिता विश्वास बर्मन पर ढाई वर्षों से आरोप लग रहे हैं. टीएमसी का आरोप है कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए झूठी जानकारी के बदले लगभग 5 हजार फर्जी प्रमाणपत्र बनाये. जिसके फलस्वरूप कई लोगों को नागरिकता प्राप्त हुई.
पूरी प्रक्रिया बीजेपी के पंचायत प्रधान के नेतृत्व में और मोटी रकम के बदले में पूरी की गयी. पोस्टर के जरिये भाजपा पंचायत प्रधान की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की जा रही है. सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए सड़कों की दीवारों पर भाजपा के खिलाफ पोस्टर टांग दिये गये हैं. इस संदर्भ में इलाके के एक स्थानीय निवासी ने कहा कि भाजपा के शासन में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है.
इस भ्रष्टाचार के सबूत तृणमूल पार्टी के कार्यकर्ताओं के हाथ लग गये हैं, इसीलिए उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली पंचायत को उखाड़ फेंकने की मांग की है और सड़कों पर पोस्टर लटकाये हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
