Chandra Kumar Bose Joins TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले सूबे की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का साथ छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थाम लिया है. रविवार को कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान टीएमसी के वरिष्ठ नेता कीर्ति आजाद और ब्रात्य बसु की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली.
भाजपा में नेताजी की विचारधारा पर पहरा : चंद्र बोस
TMC का झंडा थामने के बाद चंद्र कुमार बोस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि भाजपा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम का इस्तेमाल तो करती है, लेकिन उनके सिद्धांतों पर नहीं चलती. उन्होंने कहा कि भाजपा में नेताजी के विजन के साथ काम करना नामुमकिन था. वहां की कार्यशैली ने मुझे नेताजी के आदर्शों पर चलने की अनुमति नहीं दी. उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में सांप्रदायिक नफरत और विभाजन की राजनीति चरम पर है, जिसका नेतृत्व भाजपा कर रही है.
भारत को बचाने की लड़ाई अब शुरू : चंद्र कुमार बोस
चंद्र कुमार बोस ने बंगाल और देश की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है, जब विभाजनकारी राजनीति को रोका जाये. उन्होंने कहा- यह समय केवल चुनाव लड़ने का नहीं, बल्कि भारत को बचाने का है. भाजपा जिस तरह की बांटने वाली राजनीति कर रही है, उसे खत्म करने की जरूरत है. अब लड़ाई शुरू हो चुकी है.
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बंगाल की राजनीति में ‘बोस’ फैक्टर
चंद्र कुमार बोस का टीएमसी में जाना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है. बंगाल की अस्मिता और नेताजी की विरासत पर दावेदारी करने वाली भाजपा के लिए चंद्र बोस के ये आरोप उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं. ब्रात्य बसु और कीर्ति आजाद ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी और भाजपा का ‘बंगाल विरोधी’ चेहरा उजागर होगा.
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