झालमुड़ी ही नहीं, इन 8 बंगाली डिशेज के भी दीवाने हैं लोग, स्वाद ऐसा जो बार-बार बुलाये बंगाल

Top 8 Favorite Bengali Dishes: बंगाली खाना सिर्फ झालमुड़ी और रसगुल्ले तक सीमित नहीं है. शुक्तो, कोसा मांसो और आलू पोस्तो जैसी 8 डिशेज पूरी दुनिया में मशहूर हैं. अगर आप भी फूडी हैं, तो बंगाल के इन पारंपरिक स्वादों को मिस न करें.

Top 8 Favorite Bengali Dishes: बात स्वाद और संस्कृति के संगम की आती है, तो बंगाली व्यंजनों (Bengali Cuisine) का कोई मुकाबला नहीं है. अक्सर लोग बंगाल के खान-पान के नाम पर केवल माछ-भात या झालमुड़ी की ही चर्चा करते हैं, लेकिन बंगाली रसोई का संसार इससे कहीं ज्यादा विशाल और लजीज है. आज की हमारी इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको उन 8 टॉप पसंदीदा बंगाली डिशेज के बारे में बतायेंगे, जो हर फूड लवर की बकेट लिस्ट में टॉप पर होनी चाहिए.

  1. शुक्तो (Shukto): कड़वाहट में छिपा अनोखा स्वाद

बंगाली थाली की शुरुआत अक्सर ‘शुक्तो’ से होती है. यह विभिन्न सब्जियों जैसे करेला, कच्चा केला, बैंगन और सहजन की फली (Drumstick) का एक मिश्रण है. दूध और सरसों के पेस्ट से बनी इसकी ग्रेवी कड़वाहट और मिठास का एक अद्भुत संतुलन पेश करती है.

  1. कोसा मांसो (Kosha Mangsho): मांस प्रेमियों की पहली पसंद

अगर आपको मसालेदार खाना पसंद है, तो ‘कोसा मांसो’ आपके लिए ही बना है. मटन को मसालों के साथ धीमी आंच पर तब तक भूना जाता है, जब तक कि वह पूरी तरह से नरम और गहरे रंग का न हो जाये. इसे गरमा-गरम लूची (पुरी) के साथ खाना एक अलग ही एहसास देता है.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

  1. भपा इलिश (Bhapa Ilish): मछलियों का राजा

हिल्सा मछली यानी ‘इलिश माछ’ के बिना बंगाली स्वाद की चर्चा अधूरी है. सरसों के पेस्ट, हरी मिर्च और कच्चा सरसों के तेल के साथ भाप में पकायी गयी यह मछली अपने खास स्वाद और खुशबू के लिए जानी जाती है.

  1. छोलार दाल (Cholar Dal): त्योहारों की जान

चना दाल को नारियल के टुकड़ों और हल्के मीठे स्वाद के साथ बनाया जाता है. इसे आमतौर पर खास मौकों पर ‘लूची’ के साथ परोसा जाता है. यह डिश शाकाहारी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है.

  1. चिंगरी माछेर मलाई करी (Chingri Macher Malai Curry): शाही आनंद

झींगा मछली (Prawns) और नारियल के दूध के मेल से बनी यह क्रीमी करी बंगाल के शाही व्यंजनों में से एक है. इसका मखमली टेक्सचर और हल्का मीठा स्वाद इसे बच्चों से लेकर बड़ों तक सबका पसंदीदा बनाता है.

  1. आलू पोस्तो (Aloo Posto): सादगी का जादू

खसखस (Posto) और आलू से बनी यह डिश बंगाल के हर घर की पहचान है. कम मसालों के बावजूद इसका स्वाद इतना लजीज होता है कि इसे दाल और भात (चावल) के साथ खाने का मजा ही कुछ और है.

  1. बासंती पुलाव (Basanti Pulao): खुशबूदार अनुभव

केसरिया रंग का यह मीठा पुलाव ‘गोविंदभोग’ चावल से बनाया जाता है. इसमें काजू और किशमिश का भरपूर इस्तेमाल होता है. इसे अक्सर कोसा मांसो या पनीर की सब्जी के साथ खाया जाता है.

  1. पायेश (Payesh): मीठा समापन

बंगाली खीर यानी ‘पायेश’ केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि शुभ अवसरों का प्रतीक है. चावल, दूध और नलिन गुड़ (सर्दियों में) से बना पायेश स्वाद के मामले में लाजवाब होता है.

इसे भी पढ़ें

गोलगप्पा और पानी-पुरी को मात देता है पुचका, कोलकाता की गलियों में क्यों फेल हैं दिल्ली और मुंबई के जायके?

PHOTOS: झारग्राम में सड़क किनारे दुकान में झालमुड़ी खाने पहुंचे पीएम मोदी, जीता लोगों का दिल

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >