कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर वैकल्पिक नाम और चुनाव चिन्ह का अनुरोध किया है. रीतब्रत राष्ट्रवादी तृणमूल कांग्रेस या लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस के नाम से चुनाव लड़ना चाहते हैं. उन्होंने लिफाफा, मशाल और ब्लैकबोर्ड के चुनाव चिन्ह मांगे हैं. इस बीच, ममता बनर्जी शुक्रवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी. संभवतः वहां पता चलेगा कि उन्होंने कौन सा नाम चुना है या कौन सा चुनाव चिन्ह प्रस्तावित किया है.
रीतब्रत गुट ने भेजा नाम और निशान का विकल्प
तृणमूल विधायक प्रसून बनर्जी, जो रीतब्रत के समर्थक हैं, ने कहा, "समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हम दोनों सीटों से उपचुनाव लड़ेंगे. चुनाव आयोग ने हमसे तीन संभावित नाम भेजने को कहा. हमने भेज दिए. पार्टी के दो संभावित नाम और तीन संभावित चुनाव चिन्ह नामित करके भेज दिए गए हैं. अब यह आयोग पर निर्भर करता है कि वे हमें कौन सा चुनाव चिन्ह और पार्टी का नाम देंगे."
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6 अक्टूबर को होना है मतदान
पिछले कुछ हफ्तों से, तृणमूल कांग्रेस नाम और दो फूल वाले चिन्ह पर असली दावेदार कौन है, इस मुद्दे पर चुनाव आयोग में काफी उथल-पुथल मची हुई है. गुरुवार को, आयोग ने तृणमूल के चिन्ह विवाद पर एक अंतरिम आदेश जारी किया. आयोग ने स्पष्ट किया कि राज्य की दो विधानसभा सीटों, नंदीग्राम और रेजिनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव हैं. सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, लेकिन तृणमूल के दोनों गुट अभी भी इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि वे किस चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे.
आयोग ने नाम और निशान पर लगाया प्रतिबंध
आयोग ने कहा कि फिलहाल किसी भी पार्टी को असली तृणमूल के रूप में मान्यता नहीं दी जा रही है. वे फिलहाल 'अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस' नाम का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने कल रात 11:30 बजे चुनाव आयोग को नया प्रस्तावित चिन्ह भेजा, लेकिन ममता की ओर से उसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है.
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