एनडीए की बैठक से दूरी बनाने वाले टीएमसी के 3 सांसद अमित शाह से मिले, जानें क्या हैं इसके मायने

तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए 3 अल्पसंख्यक सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. एनडीए की अहम बैठक से दूरी बनाने वाले इन सांसदों के इस कदम से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की अहम बैठक से दूरी बनाने वाले 3 अल्पसंख्यक सांसद, जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर एनसीपीआई (NCPI) में शामिल हुए थे, ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर शुक्रवार को ब्रेकफास्ट यानी नाश्ता से पहले इस मुलाकात की वजह साफ नहीं हो पायी है. ममता बनर्जी का साथ छोड़कर काकोली घोष दस्तीदार गुट में शामिल होने वाले इन सांसदों ने अमित शाह से क्या बात की, यह भी साफ नहीं हुआ है.

कौन हैं 3 सांसद और क्या है पूरा मामला?

विधानसभा चुनाव 2026 के बाद पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहेर खान, बहरमपुर के सांसद यूसुफ पठान और जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान ममता बनर्जी की टीएमसी छोड़कर ‘आसोल तृणमूल’, जिसे अब NCPI कहा जा रहा है, में शामिल हो गये थे. हाल ही में दिल्ली में आयोजित एनडीए की बैठक में इन 3 सांसदों को छोड़कर NCPI के सभी सांसद शामिल हुए थे. इन तीनों ने कहा था कि वे भाजपा या एनडीए के साथ नहीं हैं.

अल्पसंख्यक सांसदों के साथ थीं शताब्दी और असित

सूत्र बताते हैं कि तीनों सांसदों ने कालीघाट (टीएमसी नेतृत्व) के करीबी सांसद सौगत रॉय से मुलाकात की थी. इससे NCPI के भीतर इन अल्पसंख्यक सांसदों को लेकर टूट की खबरें तेज हो गयीं थीं. आखिरकार, बृहस्पतिवार को इन तीनों नेताओं ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान NCPI की 2 अन्य महिला सांसद शताब्दी रॉय और असित माल भी उनके साथ मौजूद थीं.

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गृह मंत्री अमित शाह से क्या हुई चर्चा?

अमित शाह के साथ हुई इस बैठक में क्या बातचीत हुई और क्या एनडीए से अनुपस्थित रहने वाले सांसदों का मुद्दा हल हो गया है, इस पर किसी भी पक्ष ने खुलकर कुछ नहीं कहा है. सांसद शताब्दी रॉय ने इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- हम पांचों सांसद गये थे. अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों के सिलसिले में गृह मंत्री जी से चर्चा हुई है.

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क्या बदलेगा सांसदों का रुख?

एनडीए की बैठक में शामिल न होने के बावजूद अबू ताहेर और खलीलुर रहमान का कहना था कि वे जनता के विकास के हित में प्रशासन के साथ सहयोग करेंगे और केंद्र व राज्य सरकार के समन्वय से विकास कार्यों को आगे बढ़ायेंगे. एनडीए की बैठक के 48 घंटे के भीतर ही अमित शाह से उनकी इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है.


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By मिथिलेश झा

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