टीएमसी संकट पर बोले डी राजा- ममता बनर्जी गहरे वैचारिक संकट में, कसम खाने वाले सांसद क्यों छोड़ रहे साथ?

TMC in Deep Crisis: टीएमसी के आंतरिक महा-संकट और राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे के बीच सीपीआई महासचिव डी राजा ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस गंभीर वैचारिक और सांगठनिक संकट में है.

TMC in Deep Crisis: अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों और विधायकों के पाला बदलने से पूरी तरह बैकफुट पर आ चुकी ममता बनर्जी की पार्टी पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी राजा (D Raja) ने बड़ा हमला बोला है. तृणमूल कांग्रेस की जमीनी हकीकत और उसकी सांगठनिक रीढ़ पर सीधे चोट करते हुए डी राजा ने कहा है कि टीएमसी इस वक्त अपने इतिहास के सबसे गहरे सांगठनिक और वैचारिक संकट से जूझ रही है.

ममता बनर्जी खुद जवाब दें कि टीएमसी कब तक बचेगी : राजा

इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) की बैठक में शामिल होने वाली टीएमसी अब अपने ही पुराने सहयोगियों के निशाने पर आ गयी है, जिसने कालीघाट (ममता बनर्जी के आवास) के रणनीतिकारों को देश भर में पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है. डी राजा ने कहा- अब यह साफ हो चुका है कि तृणमूल कांग्रेस अभूतपूर्व और गहरे संकट में फंसा जहाज है. यह पार्टी एक स्वतंत्र राजनीतिक संगठन के रूप में और कितने दिनों तक जीवित रह सकती है, इसका स्पष्टीकरण खुद ममता बनर्जी को देश के सामने देना चाहिए.

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TMC in Deep Crisis: ममता बनर्जी की पार्टी की वैचारिक बुनियाद क्या है?

सीपीआई के वरिष्ठ नेता ने पूछा है कि ममता बनर्जी की पार्टी की वैचारिक बुनियाद क्या है? उनकी नीतियां और सिद्धांत क्या हैं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि कल तक जो सांसद पार्टी के लिए जान देने और वफादारी की कसम खा रहे थे, वे अचानक यूं ही, बिना किसी ठोस कारण के टीएमसी छोड़कर भाग रहे हैं. थोक के भाव राज्यसभा से इस्तीफे दे रहे हैं? इसका जवाब सिर्फ टीएमसी ही दे सकती है.

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7 दिन में 3 इस्तीफे, प्रकाश बड़ाईक के कदम से खलबली

डी राजा का बयान ठीक उस समय आया, जब तृणमूल कांग्रेस को संसद के उच्च सदन में एक के बाद एक लगातार 3 बड़े झटके लगे हैं. इससे पार्टी का संसदीय अस्तित्व पूरी तरह चरमरा गया है. टीएमसी के उत्तर बंगाल के सबसे बड़े आदिवासी चेहरे और राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा से इस्तीफा देकर बगावत का झंडा बुलंद कर दिया.

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Published by: Mithilesh Jha

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