कोर्ट के फैसले से बेरोजगार हुए तीन शिक्षकों ने वापस ली भूख हड़ताल

तीन स्कूली शिक्षकों ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रविवार को वापस ले ली और आरोप लगाया कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सदस्यों द्वारा धमकाया जा रहा है.

तृणमूल कार्यकर्ताओं पर धमकाने का लगाया आरोप

संवाददाता, कोलकाता.

तीन स्कूली शिक्षकों ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रविवार को वापस ले ली और आरोप लगाया कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सदस्यों द्वारा धमकाया जा रहा है. ये तीनों शिक्षक उन 25,753 व्यक्तियों में शामिल हैं, जिनकी नियुक्ति को उच्चतम न्यायालय ने ‘अमान्य’ करार दे दिया है. वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वे उनके मुद्दे का समर्थन करते हैं और वह इसके पक्ष में है कि सभी पात्र शिक्षकों को उनकी नौकरी वापस मिले. नदिया जिले के नक्काशीपाड़ा हाइस्कूल के पूर्व शिक्षक सुमन विश्वास ने कहा कि हम इलाके में घूम रहे तृणमूल कार्यकर्ताओं की परोक्ष धमकी के कारण अपनी भूख हड़ताल वापस ले रहे हैं, हालांकि, यहां पुलिस मौजूद है, लेकिन हम घंटों खुले में बैठने में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं.

विश्वास ने पंकज रॉय और प्रताप कुमार साहा के साथ मिलकर 10 अप्रैल को साल्टलेक स्थित पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) के कार्यालय आचार्य प्रफुल्ल चंद्र भवन के बाहर भूख हड़ताल शुरू की थी. विश्वास ने कहा, ‘हमारे मुद्दे पर समर्थन की प्रतिबद्धता जताने वाले लोगों को एकजुट करने के बाद हम भूख हड़ताल फिर से शुरू करेंगे. हम पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन भी तेज करेंगे. हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक कि डब्ल्यूबीएसएससी योग्यता के आधार पर नियुक्ति पाने वाले और रिश्वत देकर नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों की सूची प्रकाशित नहीं कर देता. वहीं टीएमसी की ओर से कहा गया है कि शिक्षकों को डराने या धमकाने में वे लिप्त नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘‘वे इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं और टीएमसी को दोषी ठहरा रहे हैं.””””

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By SUBODH KUMAR SINGH

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