Election Commission Security Plan: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी सुरक्षा योजना पेश कर दी है. 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के दौरान किसी भी तरह की हिंसा, फर्जी वोटिंग या बूथ कैप्चरिंग को रोकने के लिए आयोग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी है.
दूसरे चरण की वोटिंग से पहले हाई लेवल मीटिंग
रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्रीय बलों के कमांडरों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग में यह साफ कर दिया गया कि मतदाताओं को डराने या मतदान रोकने की कोशिश करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई होगी.
160 मोटरसाइकिल पर गश्त करेंगे जवान
आयोग ने स्थानीय उपद्रवियों और ‘बाइक वाहिनी’ के आतंक को खत्म करने के लिए विशेष रणनीति बनायी है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान 160 मोटरसाइकिलों पर 2-2 के ग्रुप में तैनात रहेंगे. ये टीमें गांवों की अंदरूनी सड़कों और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त करेंगी.
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100 मीटर का सुरक्षा घेरा
मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में बिना अनुमति किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा. इस घेरे के भीतर केवल मतदाता और अधिकृत व्यक्ति ही जा सकेंगे.
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CCTV और केंद्रीय बलों का डबल पहरा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने काकद्वीप का दौरा किया और कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाये जायेंगे, ताकि आयोग सीधे बूथों के अंदर की गतिविधियों पर नजर रख सके. प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर केंद्रीय बलों के जवान मुस्तैद रहेंगे. फर्जी मतदान रोकने के लिए आईडी कार्ड की कड़ी जांच होगी.
चुनाव आयोग की नेताओं से अपील
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. उनसे अपील की कि वे शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका निभायें. साथ ही मतदाताओं को निर्भय होकर वोट करने के लिए घर से बाहर लायें.
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Election Commission Security Plan: 142 निर्वाचन क्षेत्रों की सुरक्षा समीक्षा
कोलकाता पुलिस आयुक्त और विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता व एनके मिश्रा की मौजूदगी में हुई बैठक में 142 निर्वाचन क्षेत्रों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया. बैठक में कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण और दक्षिण 24 परगना के जिला चुनाव अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया. आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मतदाता बिना किसी दबाव या डर के वोट करें.
