पहली बार मेले के लिए बना स्थायी बस स्टैंड, 2500 बसें, 145 वेसल व लांच की रहेगी व्यवस्था
कोलकाता. गंगासागर मेले का शुभारंभ आठ जनवरी से होने जा रहा है, जो 17 जनवरी तक चलेगा. इस वर्ष कुंभ मेला न होने के कारण जिला प्रशासन को उम्मीद है कि गंगासागर मेले में पिछले साल की तुलना में अधिक श्रद्धालु पहुंच सकते हैं. 14 जनवरी को दोपहर 1.19 बजे से अगले दिन दोपहर 1.19 बजे तक पुण्य स्नान का विशेष मुहूर्त रहेगा.मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया गया है. सागर द्वीप में त्रिकोणीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है, जिसमें पुलिस प्रशासन के साथ आधुनिक तकनीक भी अहम भूमिका निभायेगी. हाइटेक कंट्रोल रूम, उपग्रह आधारित नेविगेशन प्रणाली, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिये जल, थल और नभ से मेले पर नजर रखी जायेगी.
जिलाधिकारी अरविंद कुमार मीणा ने बुधवार को अलीपुर स्थित जिला कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि गंगासागर मेले की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गयी हैं. सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए करीब 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात किये जायेंगे. इसके अलावा 2500 सिविल डिफेंस वॉलंटियर भी ड्यूटी पर रहेंगे.रोइस वर्ष पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थायी सागर बस स्टैंड तैयार किये गये हैं. इस बस स्टैंड से तीर्थयात्री गंगासागर से कचुबेरिया की ओर आसानी से जा सकेंगे. यहां बसों की बोर्डिंग के लिए विशेष व्यवस्था के साथ वॉच टावर भी बनाये गये हैं.
यातायात के लिए विशेष व्यवस्था
जिलाधिकारी ने बताया कि कोलकाता, हावड़ा, सियालदह, एयरपोर्ट, कचुबेरिया और वेणुवन से गंगासागर मेला ग्राउंड तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए करीब 2500 बसों की व्यवस्था की गयी है. वहीं, काकद्वीप से कचुबेरिया और नामखाना से वेणुवन के बीच 45 वेसल और 100 लांच संचालित की जायेंगी. इसके अलावा 13 बड़े बार्ज भी तैनात रहेंगे, जिनमें एक हजार से 2500 यात्री एक साथ यात्रा कर सकेंगे.नेवी और कोस्ट गार्ड की रहेगी तैनाती
गंगासागर मेले के दौरान नेवी व कोस्ट गार्ड की भी तैनाती की जायेगी. इनके साथ डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें भी मौजूद रहेंगी. नेवी के जवान जलमार्ग पर लगातार निगरानी रखेंगे.मुड़ीगंगा की हुई बेहतर ड्रेजिंग
गंगासागर मेले में तीर्थयात्रियों को गंगासागर तक पहुंचने के लिए मुड़ीगंगा नदी को पार करना पड़ता है, जो जिला प्रशासन के लिए हर वर्ष चुनौतीपूर्ण होता है. इस बार जिला प्रशासन ने दावा किया है कि मुड़ीगंगा की ड्रेजिंग इस साल बेहतर ढंग से की गयी है, ताकि 24 घंटे बार्ज, वेसल और स्टीमर सुचारू रूप से चल सकें. जिला प्रशासन ने बताया कि ठंड और धुंध के कारण कई बार यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए रात में वेसल सेवाओं को सुरक्षित बनाये रखने के लिए पेट्रोलिंग भी की जायेगी. सिचाई विभाग ने मुड़ीगंगा में जलयानों के लिए विशेष चैनल तैयार किये हैं, जिनमें लाइटिंग भी की गयी है, ताकि वेसल अपने मार्ग से भटकें नहीं. इस बार वेसल, स्टीमर और बार्ज चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि परिसेवा सामान्य बनी रहे और नदी मार्ग की पहचान करने में कोई समस्या न आये.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
