विभाजन की राजनीति करने वालों को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब : ममता

राज्य में विधानसभा चुनाव होने में अभी एक साल से भी अधिक का समय बाकी है, लेकिन अभी से ही भाजपा व तृणमूल कांग्रेस के बीच पोस्टर वार शुरू हो गया है.

संवाददाता, कोलकाता

राज्य में विधानसभा चुनाव होने में अभी एक साल से भी अधिक का समय बाकी है, लेकिन अभी से ही भाजपा व तृणमूल कांग्रेस के बीच पोस्टर वार शुरू हो गया है. भारतीय जनता पार्टी ने ‘हिंदू हिंदू भाई भाई’ पोस्टर के जरिए चुनावी माहौल को धार्मिक आधार पर गरमाने की कोशिश की है. इस पोस्टर को लेकर अब बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा को कड़ा जवाब दिया है. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विधानसभा में भाजपा का नाम लिये बिना जोरदार निशाना साधते हुए चेतावनी दी कि धर्म व विभाजन की राजनीति करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए लोग तैयार हो रहे हैं.

ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए समाज में विभाजन और दंगा की राजनीति करने में व्यस्त है. ममता ने राज्य के कुछ हिस्सों में भाजपा द्वारा लगाए गये बैनर व फ्लेक्स जिनपर लिखा है- हिंदू-हिंदू, भाई- भाई, 2026 में भाजपा के चाई का भी उल्लेख करते हुए इसकी खिल्ली उड़ायी. ममता ने कहा कि वह (भाजपा) सिर्फ हिंदू-हिंदू, भाई- भाई वह करती है लेकिन चुनाव के बाद उन्हें उनसे कोई सरोकार नहीं रहता है. ममता ने जोर देकर कहा कि आम लोगों के वास्तविक मुद्दे और उनके विकास से भाजपा का कोई मतलब नहीं है.

स्वास्थ्य विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान ममता ने कहा, बंगाल की पहचान बंगाली है. सबसे पहले खुद का सम्मान करना सीखें. अपनी पहचान के साथ खुद का सम्मान करें. बंगाल विविधता में एकता का प्रतीक है. ममता ने कहा कि स्वास्थ्य मामले में मुझे कोई तमिलनाडु न दिखाए. उन्होंने कहा कि बिहार और त्रिपुरा सहित कई भाजपा शासित राज्यों से लोग बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की तलाश में बंगाल आते हैं और यहां अपना इलाज करवाते हैं.

बंगाल सरकार भेदभाव से ऊपर उठकर उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बिहार और त्रिपुरा से लोग इलाज के लिए यहां आते हैं, तो हम नहीं पूछते हैं कि वे कौन हैं. मैं यह नहीं कहती कि हम उनका इलाज नहीं करेंगे. उनका धर्म क्या है? हमलोग सभी राज्यों के लोगों का परस्पर सम्मान करते हैं. सभी धर्मों पर विश्वास और उनका सम्मान करते हैं. ममता ने कहा कि बंगाल रामकृष्ण परमहंस और विवेकानंद के हिंदुत्व में विश्वास करता है, जो सबको साथ लेकर चलना और सबका सम्मान करना सिखाते हैं. ममता ने कहा कि हम शांति में विश्वास करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मुझे किसी राजनीतिक पार्टी से कोई मेडल नहीं चाहिए.

गौरतलब है कि हाल ही में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बयान दिया था कि रामनवमी के दिन एक करोड़ हिंदू सड़कों पर उतरेंगे. भाजपा के अन्य नेता भी इस मुद्दे को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं. विधानसभा में बजट सत्र के दौरान उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि हम हत्या की राजनीति में विश्वास नहीं रखते, हम शांति की ललित वाणी में विश्वास रखते हैं.

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By Akhilesh kumar singh

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