लॉकडाउन में फंसे लोगों की नि:स्वार्थ सेवा कर रहे कोलकाता के ये देवदूत, बुजुर्गों को मुफ्त पहुंचा रहे दवा

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में लॉकडाउन में फंसे लोगों की मदद के लिए देवदूत बनकर उभरे हैं कुछ लोग. ये लोग जरूरतमंदों को राशन से लेकर दवा तक पहुंचा रहे हैं. वह भी मुफ्त. वार्ड नंबर सात के लिए 905168299, वार्ड आठ के लिए 9051715584 व वार्ड नंबर 10 के लिए 7439315792 हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत की है, ताकि जरूरतमंद लोग इन्हें फोन करके अपनी जरूरत बता सकें.

नवीन कुमार राय

कोलकाता : जहां चार यार मिल जायें वहीं रात हो गुलजार, जहां चार यार… अमिताभ बच्चन अभिनीत ‘शराबी’ फिल्म का एक गीत अपने जमाने में जबर्दस्त हिट हुआ था. इस गीत को आज भी सुनते हैं, लेकिन अब चार यार एक साथ खड़े नहीं हो सकते. बैठ नहीं सकते. कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा इस कदर बढ़ गया है कि लोग दोस्तों से भाग रहे हैं. खुद को अकेले अपने घर में कैद कर रहे हैं.

इस जानलेवा वैश्विक महामारी से बचने के लिए लोगों ने खुद को अकेला कर लिया है, लेकिन इससे उनकी परेशानी बढ़ गयी है. काम-धंधा सब चौपट हो गया है. वक्त गुजारना मुश्किल हो गया है. कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिनको दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गये हैं. कुछ समाजसेवी संगठन इनका सहारा हैं. ये लोग उनके लिए भोजन का इंतजाम कर रहे हैं. वहीं, कुछ युवा व्यक्तिगत स्तर पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर जरूरतमंदों की मदद में जुटे हैं.

ऐसी ही एक टीम है उत्तर कोलकाता में. लॉकडाउन में इनका काम बंद है, तो इन्होंने समाज के पिछड़े और परेशान लोगों की मदद करने की ठानी. खाली वक्त का सदुपयोग करने का निश्चय किया और लॉकडाउन में फंसे लोगों की मदद में अपना वक्त खपाने लगे. लॉकडाउन की घोषणा के बाद ही इन्हें एहसास हो गया था कि समस्या कितनी बड़ी है.

अधिवक्ता बृजेश झा, व्यवसायी ईश्वर दयाल, ब्रजेश बागड़ी व सुजीत चटर्जी ने तय किया कि खाली वक्त में जरूरतमंदों की मदद करेंगे. इन्होंने एक फंड बनाया. फिर क्षेत्र के जरूरतमंदों की लिस्ट तैयार की. लिस्ट में शामिल सभी लोगों तक इन्होंने राशन आदि पहुंचाने का काम शुरू कर दिया. इसके बाद अन्य दोस्तों को जब इस नेक काम के बारे में पता चला, तो कई और लोग इनके साथ जुड़ गये.

अच्छी बात यह है कि ये लोग न तो किसी पार्टी के परचम तले काम कर रहे हैं, न ही किसी संगठन के बैनर तले यह काम कर रहे हैं. 25 मार्च से अब तक ये लोग तकरीबन 12 हजार से भी अधिक परिवारों के पास राशन के सामन के साथ अन्य आवश्यक सामान पहुंचा चुके हैं. दर्जनों लोग जब इनसे जुड़े, तो इन्होंने खुद को टोलियों में बांट लिया.

एक टोली सामान इकट्ठा करती है, तो दूसरी टोली उसकी पैकिंग करती है. इसके बाद पैकेट को जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाता है. इस नेक काम में भी लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाता है. ये लोग उन बुजुर्गों की भी मदद करते हैं, जिन्हें दवाई की जरूरत है और दवा खरीदने केलिए बाजार नहीं जा पाते.

चार वार्ड (वार्ड संख्या 7, 8, 9 और 10) के ऐसे बुजुर्गों के लिए इस टोली ने एक हेल्पलाइन शुरू की है. वार्ड सात के लिए 905168299, वार्ड आठ के लिए 9051715584 व वार्ड नंबर 10 के लिए 7439315792 शुरू किया है. इस नंबर पर फोन करके लोग अपनी दवा का प्रिस्क्रिप्शन भेज रहे हैं. युवाओं की यह टोली उक्त दवा को दुकान से खरीदकर संबंधित लोगों के घर तक पहुंचाती है. जो पैसे देने में सक्षम हैं, उनसे पैसे लेते हैं और जो नहीं दे पाते, उन्हें मुफ्त में दवाएं दे रहे हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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