जली फैक्टरी और गोदामों के बाहर मची रही चीख-पुकार
सोमवार तड़के आनंदपुर के नाजिराबाद में मोमो फैक्टरी, उसके गोदाम और पास के डेकोरेटर कंपनी के गोदाम में लगी भीषण आग अब एक भयावह त्रासदी में बदल गयी है.
लापता मजदूरों के परिजनों के सब्र का बांध टूटा
संवाददाता, कोलकातासोमवार तड़के आनंदपुर के नाजिराबाद में मोमो फैक्टरी, उसके गोदाम और पास के डेकोरेटर कंपनी के गोदाम में लगी भीषण आग अब एक भयावह त्रासदी में बदल गयी है. पूरी तरह जल कर खाक हो चुकी फैक्टरी के बाहर मृत व लापता मजदूरों के परिजनों का करुण क्रंदन थमने का नाम नहीं ले रहा. लापता मजदूरों के परिजन आंखों में उम्मीद और डर का मिला-जुला भाव लिये घटनास्थल पर डटे हैं. 25 और 30 वर्षीय दो युवतियां जलती फैक्टरी की ओर टकटकी लगाये फूट-फूटकर रोती नजर आयीं. उनके पति रविवार रात ड्यूटी पर थे, लेकिन आग लगने के बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है. एक बुजुर्ग मंगलवार सुबह फैक्टरी के सामने खड़ा देखा गया. उन्होंने बताया कि उनका पोता पंकज हाल्दार रात की शिफ्ट में वहीं काम कर रहा था. आग लगने के बाद पंकज ने पत्नी को फोन किया था, लेकिन उसके बाद संपर्क टूट गया. फैक्टरी के बाहर खड़ी उसकी बाइक ने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, अंदर का नजारा बेहद भयावह है. हर तरफ जले हुए ढांचे, काली राख और जले मांस की गंध फैली हुई है. बताया जा रहा है कि अंदर करीब 30 मजदूर थे, जिनमें से कई बाहर नहीं निकल सके. मंगलवार दोपहर तक आग पूरी तरह बुझी नहीं थी. मलबे के भीतर कई जगह अब भी पॉकेट फायर देखे गये. दमकलकर्मी लगातार राहत और तलाश का काम कर रहे हैं, जबकि पुलिस पूरे इलाके में कड़ा पहरा लगाये हुए है. घटनास्थल के बाहर खड़ीं एंबुलेंस एक-एक कर शवों को लेकर निकलती रहीं, और उनके पीछे भागते परिजनों के दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं.
पुलिस के समक्ष लोगों का फूटा गुस्सा
अग्निकांड में 25 से ज्यादा लोगों के लापता होने की आशंका जतायी जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. इसी बीच, मंगलवार को लापता मजदूरों के परिजनों का गुस्सा नरेंद्रपुर थाना के बाहर पुलिस अधिकारियों के सामने फूटा. उनकी पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई. कुछ अपने परिजनों की जानकारी साझा करने की मांग कर रहे थे, जबकि कुछ ने उनके परिजनों के शव उन्हें सुपुर्द करने की मांग की.