जीआरएसइ में मॉक ड्रील को लेकर मची अफरातफरी

जीआरएसइ के कुछ कर्मियों ने बताया कि रोजाना की तरह वे भीतर अपने काम में व्यस्त थे.

लोगों को कुछ समझ में नहीं आ रहा था, उड़ी बम होने की अफवाह

बाद में मैनेजमेंट ने किया स्पष्ट कि यह मॉक ड्रिल है, तब लोगों ने ली राहत की सांस

कोलकाता. पोर्ट इलाके में स्थित गार्डेनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसइ) में मंगलवार दोपहर को अचानक पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों की अति सक्रियता से इलाके में लोग आतंकित हो गये. यह मामला दोपहर 1.30 बजे के करीब का है. जीआरएसइ के कुछ कर्मियों ने बताया कि रोजाना की तरह वे भीतर अपने काम में व्यस्त थे. अचानक अधिकारियों का फोन आया और कहा गया कि सभी श्रमिक 15 मिनट में गेट के बाहर निकल जायें. तुरंत सभी श्रमिक बाहर आ गये.

इधर, पुलिस एवं सीआइएसएफ जवानों को देख लोगों में भय व्याप्त हो गया. किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था.

इस बीच वहां बम होने की अफवाह उड़ गयी. कुछ देर बाद मैनेजमेंट की तरफ से स्पष्ट किया गया कि मंगलवार को जीआरएसइ में सुरक्षा के लिहाज से मॉक ड्रील का आयोजन किया गया था. इसके कारण पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों की अति सक्रियता देखी गयी. इस अभ्यास में जीआरएसइ के सभी परिसरों से कर्मचारियों को पूरी तरह से बाहर निकालना और इमारतों व परिसर की जांच करना शामिल था.

मैनेजमेंट का कहना था कि जहाज निर्माण केंद्र में सुरक्षा, संरक्षण और आपात स्थिति से जुड़ी तैयारियों का परीक्षण करने के लिए, संभावित खतरे की स्थिति में प्रतिक्रिया का अनुकरण करते हुए अभ्यास का आयोजन किया गया था.

सूत्रों का कहना था कि इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहे हैं. मॉक ड्रिल भीतरी सुरक्षा की तैयारी को मजबूत बनाने, मौजूदा प्रणालियों का मूल्यांकन करने और कार्मिकों व बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए अभिन्न अंग हैं.

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Published by: Ganesh mahto

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