बंगाल को बांटने की हो रही है साजिश : ममता

मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि एसआइआर के बाद मतदाता सूचियों से मतदाताओं के नाम हटाने का उद्देश्य राज्य को विभाजित करना है.

‘बांग्लार युवा साथी’ योजना की राशि का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू

संवाददाता, कोलकाता

मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि एसआइआर के बाद मतदाता सूचियों से मतदाताओं के नाम हटाने का उद्देश्य राज्य को विभाजित करना है. मुख्यमंत्री ने लगातार दूसरे दिन शनिवार को धर्मतला में अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा. इससे पहले वह रात में यहीं धरनास्थल पर रुकी थीं. उन्होंने चुनाव आयोग पर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल के मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के लिए भाजपा के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया.

सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया : उनका (निर्वाचन आयोग और भाजपा का) इरादा बंगाल को बांटना है. भाजपा बंगाल को विभाजित कर वोट छीनने की साजिश रच रही है. बंगाल और बिहार को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की बात कही जा रही है. उन्होंने इसे साजिश बताते हुए कहा कि अगर किसी में हिम्मत है तो बंगाल को छूकर देखे. बिहार को बांटकर झारखंड बनाया गया था और अब वही कोशिश दोबारा की जा रही है. मुख्यमंत्री के साथ प्रदर्शन स्थल पर वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे.

मुख्यमंत्री ने धरना मंच से कहा कि ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना की राशि भुगतान करने की प्रक्रिया एक अप्रैल की बजाय शनिवार यानी सात मार्च से ही शुरू कर दी गयी है. पहले घोषणा की गयी थी कि यह राशि एक अप्रैल से दी जायेगी, लेकिन आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस होने के कारण सरकार ने इसे उपहार के रूप में पहले ही जारी करने का निर्णय लिया. 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के करीब एक करोड़ युवाओं ने इस योजना के लिए आवेदन किया है. योजना के तहत बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे. बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी दर में 40 प्रतिशत की कमी आयी है. राज्य सरकार ने लगभग 40 लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से करीब 10 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है. उन्होंने कहा कि उत्कर्ष बांग्ला के तहत प्रशिक्षित युवाओं को उद्योगपतियों की वेबसाइट से जोड़ा गया है ताकि उन्हें सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य ने करीब छह लाख करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया है और उसके ब्याज का भुगतान भी किया है, जबकि केंद्र सरकार के करीब दो लाख करोड़ रुपये अभी भी राज्य को मिलने बाकी हैं. मुख्यमंत्री ने तृणमूल नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य से अपील की कि महिलाएं एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी और मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ बर्तन लेकर विरोध मार्च निकालें. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस को हटाने के पीछे दबाव था और उन्होंने कहा कि उन्हें सब कुछ पता है. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकभवन में पैसे बांटने की योजना बनायी जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जो नया व्यक्ति बंगाल आ रहा है, उसे सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है और वह ‘भाजपा का तोता’ हैं. अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री बनर्जी ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाकर बंगाल को बांटा नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि अगर सीमा पार की गयी, तो दिल्ली की सरकार भी गिर सकती है.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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