डोमजूर में फिर बिगड़ी बीएलओ की तबीयत, अस्पताल में भर्ती

डोमजूर के एक और बीएलओ की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एक नर्सिंग होम में भर्ती किया गया है. बीएलओ ने सरकार से गुजारिश की है कि उसे गोली मार दी जाये. एसआइआर का दबाव अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है. पीड़ित बीएलओ का नाम वसीम परवेज है.

हावड़ा.

डोमजूर के एक और बीएलओ की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एक नर्सिंग होम में भर्ती किया गया है. बीएलओ ने सरकार से गुजारिश की है कि उसे गोली मार दी जाये. एसआइआर का दबाव अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है. पीड़ित बीएलओ का नाम वसीम परवेज है. वह डोमजूर विधानसभा अंतर्गत पार्ट नंबर 148 के बीएलओ है. वह बांकड़ा के इस्लामिया प्राइमरी स्कूल के शिक्षक हैं. वह पिछले साढ़े चार वर्षों से स्कूल में पढ़ा रहे हैं. वह बांकड़ा में किराये के मकान पर पत्नी के साथ रहते हैं. पत्नी सात महीने की गर्भवती है.

जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात को वसीम परवेज घर पर एसआइआर का काम कर रहे थे कि इसी समय वह अस्वस्थ हो गये. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बांकड़ा के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया. वहां वह आइसीयू में भर्ती हैं. उन्होंने कहा कि सुबह से रात तक लगातार काम करने के बाद भी उनका काम खत्म नहीं हो रहा है. इसके अलावा स्कूल की फाइनल परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने का दबाव है. अब वह इतना दबाव नहीं झेल पा रहे हैं. उन्हें खुदकुशी करने दिया जाये या सरकार उन्हें गोली मार दे. उल्लेखनीय है कि मंगलवार को डोमजूर के सलप में अर्निबान बनर्जी नामक एक बीएलओ की तबीयत बिगड़ गयी थी.

बीमार बीएलओ की पत्नी ने सीईओ और डीएम को सौंपा ज्ञापन

एसआइआर के दौरान डोमजूर विधानसभा केंद्र के सलप एक नंबर पंचायत के बीएलओ अनिर्बान बनर्जी बीमार हो गये थे. उन्हें कोलकाता के कांकुड़गाछी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शुक्रवार को उनकी पत्नी मौमिता बनर्जी डीएम पी दीपप्रिया से मिलने उनके कार्यालय पहुंचीं और ज्ञापन सौंपा. उन्होंने डीएम से कहा कि पति पहले से ही बीमार हैं. बावजूद इसके उन्हें एसआइआर कार्य का जिम्मा सौंपा गया. मौमिता ने कहा कि उनलोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. ऐसी स्थिति में राज्य सरकार उनके बीमार पति के इलाज का खर्च उठाये. बताया जा रहा है कि डीएम से मिलने के बाद मौमिता सीइओ कार्यालय भी ज्ञापन देने पहुंची थीं. उल्लेखनीय है कि मंगलवार को एसआइआर कार्य करने के दौरान वह बीमार हो गये थे. पिछले वर्ष उनके पैर की एक उंगली में संक्रमण हुआ था. संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया था. लंबे समय तक वह अस्पताल में भर्ती थे. वह ठीक से पैदल चल नहीं सकते हैं. स्कूल आने-जाने के लिए एक ऑटो रिजर्व करना पड़ता है.

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Published by: Bijay kumar

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