संवाददाता, कोलकाता
भाजपा नेता व अभिनेत्री रूपा गांगुली ने शीर्ष अदालत के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि राज्य सरकार चाहती, तो बहुत पहले ही समस्या का समाधान कर सकती थी. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. सच तो यही है कि सरकार समस्या का समाधान करने को इच्छुक ही नहीं थी. इसका खामियाजा आज हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि सरकार यह नहीं बता पायी कि किसने रुपये देकर नौकरी ली थी. खाली ओएमआर शीट देकर कितने लोगों को नौकरी मिली थी. जिसने अन्याय किया, उसके साथ अन्य लोग भी फंस गये. उनका भी भविष्य अंधेरे में पड़ गया है. रूपा ने कहा कि अदालत बिना सबूत के कुछ नहीं कर सकती है. कोई विकल्प नहीं था. अदालत कैसे योग्य व अयोग्य की पहचान कर पायेगी. सबकुछ प्लान के मुताबिक ही किया गया है. उन्होंने कहा कि इस समय सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब है. मुख्यमंत्री को तत्काल इस बारे में कोई कदम उठाना चाहिए.
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