उम्रकैद पायीं महिला कैदियों के लिए बनेगा ओपन जेल

राज्य के जेल विभाग ने उम्रकैद की सजा काट रहीं महिला कैदियों के लिए एक अलग ओपन जेल बनाने की पहल की है. इस बारे में एक प्रस्ताव राज्य सचिवालय नबान्न भेजा गया है. शुरुआत में बीरभूम के सिउड़ी में जमीन की पहचान की गयी है. कई दूसरी संभावित जगहों पर भी विचार किया जा रहा है.

कोलकाता.

राज्य के जेल विभाग ने उम्रकैद की सजा काट रहीं महिला कैदियों के लिए एक अलग ओपन जेल बनाने की पहल की है. इस बारे में एक प्रस्ताव राज्य सचिवालय नबान्न भेजा गया है. शुरुआत में बीरभूम के सिउड़ी में जमीन की पहचान की गयी है. कई दूसरी संभावित जगहों पर भी विचार किया जा रहा है.

जेल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओपन जेल की सुरक्षा व प्रबंधन की रूपरेखा तैयार की जा रही है. यहां जेल विभाग पहले तीन महीने तक कैदियों का सारा खर्च उठायेगा. उसके बाद महिला कैदियों को अपनी कमाई से अपने रोज के खर्च उठाने होंगे. इसके लिए कैदियों को रोजगार आधारित प्रशिक्षण की योजना बनायी गयी है. उन्हें खाना पकाने, अलग-अलग तरह के कपड़े बनाने, अचार बनाने व पैकेज्ड फूड बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा. उनके द्वारा तैयार किये गये व्यंजन को अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट संस्थानों की कैंटीन में सप्लाई करने की व्यवस्था भी की जायेगी. संबंधित एजेंसियों और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी बात की जायेगी. बता दें कि राज्य में उम्रकैद की सजा पाये पुरुष कैदियों के लिए पहले से ही तीन ओपन संशोधनागार सुविधा है. वहां कुछ कैदी खोखो की ट्रेनिंग दे रहे हैं, कुछ फुटबॉल कोच के तौर पर काम कर रहे हैं, और कुछ छोटे-मोटे बिजनेस ऊकर रहे हैं. दिन के आखिर में सभी संशोधनागार लौट आते हैं. आमतौर पर सिर्फ वही कैदी वहां भेजे जाते हैं, जिन्होंने 12 साल से ज्यादा की सजा काटी हो और जिनका व्यवहार अच्छा हो और जिनका रिकॉर्ड साफ हो.

रिहैबिलिटेशन और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ओपन जेल बनाने की योजना

हालांकि, राज्य में महिलाओं के लिए अलग संशोधनागार है, लेकिन कई कैदी लंबे समय से चारदीवारी के अंदर जिंदगी गुजार रही हैं. जेल विभाग का कहना है कि अपने परिवार से अलग होने की वजह से कई कैदी तेजी से डिप्रेशन में जा रही हैं. रिहैबिलिटेशन और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक ओपन जेल बनाने की योजना बनायी गयी है. सूत्रों का दावा है कि नबान्न से मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: BIJAY KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >