फर्जी टिकट लेकर एयरपोर्ट में प्रवेश कर गया था वृद्ध, बाहर आते समय पकड़ाया

बैंकॉक जा रहे बेटे-बहू को हवाई अड्डे छोड़ने आये थे, बुरे फंसे

बैंकॉक जा रहे बेटे-बहू को हवाई अड्डे छोड़ने आये थे, बुरे फंसे विजिटर पास नहीं होने के कारण फर्जी टिकट के सहारे घुसा एयरपोर्ट टर्मिनल में कोलकाता. बैंकॉक जा रहे अपने बेटे-बहू को कोलकाता हवाई अड्डे पर छोड़ने के लिए पहुंचे बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा फर्जी टिकट लेकर घुसने के आरोप में पकड़ा गया है. कर्मचारियों ने पाया कि वह व्यक्ति फर्जी हवाई टिकट का इस्तेमाल करके टर्मिनल में प्रवेश किया था. जानकारी के मुताबिक, बाईपास के मदुरदाहा निवासी आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके बेटे ने ही फर्जी टिकट बनाया था. फर्जी पीएनआर के साथ बैंकॉक जाने वाली इंडिगो फ्लाइट के लिए फर्जी टिकट बनाने में उसके बेटे ने मदद की थी, जिसकी मदद से वह बिना डिडीयात्रा वाले गेट से टर्मिनल में घुस गया. जब उसके बेटे-बहू चले गये, तो शाम छह बजे के आसपास प्रस्थान द्वार से हवाई अड्डे के परिसर से बाहर निकलने की कोशिश करने पर उसे पकड़ लिया गया. नियम के अनुसार प्रस्थान द्वार से टर्मिनल से बाहर नहीं निकला जा सकता, लेकिन इस दौरान बुजुर्ग व्यक्ति को निकलने की कोशिश के दौरान इंडिगो के अंतरराष्ट्रीय काउंटर पर ले जाया गया, वहां जांच करने पर कर्मचारियों ने उनका टिकट फर्जी पाया. फिर एयरपोर्ट अधिकारियों को सूचित किया गया. खबर पाकर एनएससीबीआइ एयरपोर्ट थाने की पुलिस पहुंची. जालसाजी, धोखाधड़ी और एयरपोर्ट टर्मिनल एक्सेस प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के प्रयास से संबंधित बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक उस व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया है. विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुजुर्ग व्यक्ति ने दावा किया है कि नकली टिकट का इस्तेमाल करने का विचार एक साल पहले उसके एक दोस्त ने सुझाया था, उसने कहा कि उसके बेटे ने ही नकली टिकट बनाया था. पुलिस इस मामले में अपराध की सीमा और जाली दस्तावेज तैयार करने में उसके बेटे की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है. मालूम हो कि पहले एयरपोर्ट पर विजिटर एंट्री पास जारी होता था, वह सुविधा फिलहाल नहीं है. एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, रोजाना पहले करीब 1,000 विजिटर पास जारी किये जाते थे, जिससे हर दिन करीब 60,000 रुपये का राजस्व प्राप्त होता था. इससे न केवल एयरपोर्ट की आय बढ़ती थी, बल्कि यात्रियों को भी काफी सुविधा मिलती थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >