बंगाल में लगातार बढ़ रही है स्टार्टअप की संख्या

पश्चिम बंगाल का स्टार्टअप इकोसिस्टम, जो ज्यादातर कोलकाता के आस-पास केंद्रित है और यह लगातार तेजी से बढ़ रहा है. हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता दुनिया के टॉप 200 स्टार्टअप शहरों में शामिल है, जिसमें वार्षिक विकास दर काफी अधिक है.

कोलकाता.

पश्चिम बंगाल का स्टार्टअप इकोसिस्टम, जो ज्यादातर कोलकाता के आस-पास केंद्रित है और यह लगातार तेजी से बढ़ रहा है. हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता दुनिया के टॉप 200 स्टार्टअप शहरों में शामिल है, जिसमें वार्षिक विकास दर काफी अधिक है.

2019 से पश्चिम बंगाल में डीपीआइआइटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या चार गुना बढ़ गयी है, और 2025 के अंत तक यह संख्या 5,700 तक पहुंच गयी है. हालांकि, बंगाल में स्टार्टअप का विकास कुछ चुनिंदा सेक्टर में ही हुआ है.

बंगाल में तकनीकी सेवा प्रदान करने वाले स्टार्टअप की संख्या सबसे अधिक : पश्चिम बंगाल में सफल स्टार्टअप में तकनीकी सेवा देने वाली कंपनियों की संख्या सबसे अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार, 31 प्रतिशत स्टार्ट-अप टेक्नोलॉजी क्षेत्र की हैं, इसके बाद 22 प्रतिशत सर्विसेज में और 14 प्रतिशत फ़ूड और बेवरेजेज में हैं.

बंगाल में ईवी, ग्रीन एनर्जी के विकास की अपार संभावनाएं : इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में कई ऐसे सेक्टर हैं, जिन क्षेत्रों में स्टार्ट-अप के विकास की अपार संभावनाएं हैं. इनमें इलेक्ट्रिक व्हीकल अर्थात ईवी, ग्रीन एनर्जी, हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी, कंस्ट्रक्शन टेक, फ़ूड और बेवरेजेज और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी श्रेणियां शामिल हैं.

कोलकाता की कंपनियों ने 2024 तक जुटाये 2200 करोड़ : इंक42 की ओर से जारी रिपोर्ट डेटा के मुताबिक, कोलकाता के स्टार्टअप्स ने 2025 की पहली तिमाही में 24.30 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटायी है. सिर्फ इतना ही नहीं, कोलकाता शहर की स्टार्टअप कंपनियों ने 2014 और 2024 के बीच 106 से अधिक फंडिंग राउंड में 2200 करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग जुटायी, जो इस इलाके में निवेशकों की दिलचस्पी को दिखाता है.

युवा महिला उद्यमी, जो बदलाव लाने में जुटी हैं

भारत के इंटीरियर डिजाइनिंग मार्केट इंडस्ट्री के अनुसार, देश को लगभग 62 हजार डिजाइनरों की जरूरत है, लेकिन अभी भी देश में प्रोफेशनल रजिस्टर्ड इंटीरियर डिजाइनरों की संख्या सिर्फ 7000 के आस-पास है. इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस सेक्टर में विकास की क्या संभावनाएं हैं. भले ही इंटीरियर डिजाइनरों की कमी है, लेकिन डिजाइनर के रूप में ख्याति प्राप्त करना सहज काम नहीं है. महानगर की रहने वाले युवा उद्यमी अंकिता बैद ने बताया कि भारत में डिजाइन के इतने बड़े बाजार होने के बावजूद, क्वालिफाइड डिजाइनरों की कमी है. लेकिन जब तक इस क्षेत्र में उतरीं तो उनको भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. अंकिता बैद ने आर्क एंड आर्टस नामक कंपनी की स्थापना की और आज यह इंटीरियर डिजाइन के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम है. आर्क एंड आर्ट्स की संस्थापक अंकिता बैद ने बताया कि नानयांग एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स, सिंगापुर से ग्रेजुएशन किया है. इसके साथ ही प्रतिष्ठित एफडीए, फर्नीचर सिंगापुर अवार्ड और टेक्नीग्रुप ऑफिस डिजाइन अवार्ड, सिंगापुर भी जीता है. कोलकाता वापस लौटने के बाद, उन्होंने अपना खुद का वेंचर शुरू किया. उन्होंने कहा, “जब मैंने काम शुरू किया, तो लोगों ने मुझसे कहा कि डिजाइन इंडस्ट्री बहुत कम समय तक चलती है, और महिलाएं इसे ज्यादा आगे नहीं ले जा सकतीं. ऐसी आवाजों के बावजूद वह नहीं रूकीं और आज एक सफल कंपनी का संचालन कर रही हैं. अब अंकिता आर्टिस्ट कम्युनिटी के लोगों को अवसर प्रदान कर रही हैं और उनकी वित्तीय आजादी भी सुनिश्चित कर रही हैं. उन्होंने बताया कि आर्किटेक्चर व इंटीरियर डिजाइन के बाद अब वह डिजाइन फील्ड के अलग-अलग सेक्टर जैसे फैशन, ज्वेलरी, आर्ट और कई और क्षेत्रों में कदम रखने के लिए तैयार हैं और इस दिशा में काम शुरू कर दिया है.

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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