रूफटॉप रेस्टोरेंट्स मामले की अब निगम में ही होगी सुनवाई

बड़ाबाजार स्थित मछुआ फल मंडी में लगी आग के बाद कोलकाता नगर निगम ने 83 रूफटॉप रेस्टोरेंट्स को नोटिस जारी किया था.

संवाददाता, कोलकाता

बड़ाबाजार स्थित मछुआ फल मंडी में लगी आग के बाद कोलकाता नगर निगम ने 83 रूफटॉप रेस्टोरेंट्स को नोटिस जारी किया था. इन रेस्टोरेंट्स पर अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन न करने का आरोप है. निगम ने इन्हें तुरंत बंद करने का निर्देश दिया था, लेकिन मामला कोर्ट पहुंच गया है. सूत्रों के अनुसार, कोर्ट के निर्देश पर अब इन रूफटॉप रेस्टोरेंट्स की जांच के लिए निगम में सुनवाई होगी. इसके लिए निगम में एक कमेटी बनायी गयी है, जिसका नेतृत्व अतिरिक्त निगम आयुक्त कर रहे हैं.

पहले चरण में तीन रेस्टोरेंट्स को सुनवाई के लिए निगम मुख्यालय बुलाया जायेगा. सुनवाई की तारीख तय होने से सात दिन पहले उन सभी चार रेस्टोरेंट्स मालिकों को निगम की ओर से नोटिस भेजा जायेगा, जो कोर्ट गये थे. एडिशनल म्यूनिसिपल कमिश्नर की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में बिल्डिंग विभाग के चार इंजीनियर, कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर स्तर के एक अधिकारी, आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी, दमकल विभाग के शीर्ष अधिकारी और निगम के लाइसेंस विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं. ये सभी सुनवाई के दौरान मौजूद रहेंगे.

बड़ाबाजार अग्निकांड के बाद कोलकाता पुलिस ने महानगर में रूफटॉप होटलों और रेस्टोरेंट्स का निरीक्षण किया था और 83 रेस्टोरेंट्स की सूची निगम को सौंपी थी. इसी के आधार पर निगम ने नोटिस जारी कर इन्हें बंद करने का निर्देश दिया था. लेकिन चार रेस्टोरेंट्स ने निगम के इस नोटिस को हाइकोर्ट में चुनौती दी. अब निगम इन रूफटॉप रेस्टोरेंट्स की संरचनात्मक स्थिरता, भवन निर्माण नियमों का पालन और लाइसेंसिंग विभाग से मिली मंजूरी के आधार की जांच करना चाहता है. लाइसेंसिंग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आबकारी विभाग बार या रेस्टोरेंट्स चलाने की अनुमति देता है. सुनवाई में यह भी देखा जायेगा कि क्या आबकारी विभाग द्वारा लगायी गयी शर्तों का ठीक से पालन हुआ था और क्या भौतिक सत्यापन किया गया था. यानी सुनवाई के दौरान लाइसेंस, आबकारी और भवन विभाग से मिली जानकारी का मिलान किया जायेगा.

निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस को कमेटी में इसलिए शामिल किया गया है, क्योंकि किसी भी प्रतिष्ठान के लिए आसपास स्कूल, कॉलेज या अस्पताल की मौजूदगी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है. सुनवाई के बाद ही इन रूफटॉप रेस्टोरेंट्स के भविष्य का फैसला होगा.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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