सिनेमा की भाषा अभिव्यक्ति का मजबूत माध्यम : गौतम घोष

फिल्म में चित्रांगदा सिंह, आर्यन बडकुल और कई अन्य कलाकार मार्को लियोनार्डी के साथ स्क्रीन साझा कर रहे हैं.

केआइएफएफ में गौतम घोष की फिल्म ‘परिक्रमा’ की विशेष स्क्रीनिंग

कोलकाता. केआइएफएफ में रविवार को गौतम घोष निर्देशित फिल्म ‘परिक्रमा’ की विशेष स्क्रीनिंग की गयी. इसके बाद प्रेसवार्ता में घोष ने कहा कि एक तरफ इटली, दूसरी तरफ मध्य प्रदेश. एक तरफ कोरोना महामारी, दूसरी तरफ लोगों में दहशत. स्क्रीन पर इन परिस्थितियों को जीवंत करते हुए फिल्म परिक्रमा तैयार की गयी. फिल्म में चित्रांगदा सिंह, आर्यन बडकुल और कई अन्य कलाकार मार्को लियोनार्डी के साथ स्क्रीन साझा कर रहे हैं. वहां ”नर्मदा बचाओ आंदोलन”” के साथ मातृहीन किशोर लाला का जीवन दुखद माहौल से गुजरा, इसको बखूबी फिल्म में दिखाया गया है. निर्देशक ने फिल्म को एक अलग ऊंचाई पर पहुंचाया है. इस बारे में बात करते हुए गौतम घोष ने कहा कि सिनेमा की भाषा सबसे मजबूत है. यह भाषा अभिव्यक्ति का मजबूत जरिया है.

सिनेमा की भाषा में किसी भी चीज को खूबसूरती से चित्रित किया जा सकता है. गौतम कहते हैं कि उपन्यास पढ़ने के बाद फिल्म बनाने का फैसला किया, लेकिन वह तैयारी 2019 से शुरू हुई. पहला भाग इटली में शूट किया गया था. जैसे ही वह प्रकरण खत्म हुआ, दुनिया भर में महामारी का प्रकोप शुरू हो गया. संयोग से,महामारी की पहली लहर इटली में भी आयी. गौतम ने कहा हम जल्दी से उस देश को छोड़कर वापस लौट आये. उसके बाद एक लंबा ब्रेक. दुनिया ठीक हो गयी. फिर से शूटिंग की गयी. इस बार मार्को लियोनार्डी इटली छोड़कर भारत चले आये. मध्य प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर लगातार शूटिंग की गयी. महामारी के कारण लंबे अंतराल के बाद फिल्म को फिर से शूट किया गया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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