न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट की न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय की अधीनस्थ पासपोर्ट कार्यालय की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालत द्वारा बार-बार आदेश दिये जाने के बाद भी युवती को उसके मंगेतर से मिलने के लिए अमेरिका जाने की अनुमति नहीं दी जा रही. सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में बताया कि पासपोर्ट कार्यालय हाइकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है. सोमवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने कहा कि न्यायालय द्वारा एक के बाद एक आदेश जारी करने के बावजूद यह सिलसिला जारी है. यह वांछनीय नहीं है. एक युवती दो महीने के लिए अमेरिका जाना चाहती है. ऐसा नहीं है कि वह भाग रही है. न्यायाधीश ने कहा कि युवती के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने के बावजूद, जहां संबंधित अदालत ने उन्हें विदेश यात्रा की मंजूरी दे दी है, तो पासपोर्ट प्राधिकरण किस आधार पर ऐसा कर रहा है? हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं होने की वजह से जूनियर अधिवक्ता ने मामले को स्थगित करने का आवेदन किया. इसलिए अदालत ने मामले को स्थगित करते हुए कहा कि केंद्र के वकील को अगले बुधवार को इस मामले पर स्पष्टीकरण देना होगा.
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