कोलकाता.
आनंदपुर के भीषण अग्निकांड के बाद मलबा हटाने के दौरान शवों के अवशेष मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार तड़के जले हुए गोदाम के ध्वंसावशेष से दो और लोगों के शवों के हिस्से बरामद किये गये. इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 27 हो गयी है. घटना के बाद अभी भी कुछ लोग लापता बताये जा रहे हैं, ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है. बरामद शवों के अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा गया है. मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराया जायेगा, जिसके बाद अवशेष परिजनों को सौंपे जायेंगे. गौरतलब है कि नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र के आनंदपुर इलाके में गत सोमवार तड़के भीषण आग लग गयी थी. इस हादसे में मोमो कंपनी का गोदाम और एक डेकोरेटर्स कंपनी का गोदाम पूरी तरह जलकर खाक हो गये थे. आग बुझने के बाद जब भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया, तब एक के बाद एक जले हुए शवों के अवशेष सामने आने लगे. शुक्रवार को भी दो शवों के अवशेष बरामद किये गये थे, जबकि इससे पहले गुरुवार को सुबह और शाम चार शवों के अवशेष मिले थे. इस बीच पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए शुक्रवार को ही नरेंद्रपुर इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किये गये आरोपियों में मोमो कंपनी के गोदाम के मैनेजर मनोरंजन शिट और डिप्टी मैनेजर राजा चक्रवर्ती शामिल हैं. दोनों को बारुईपुर महकमा अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गोदाम में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं, तथा आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी. जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.मोमो कंपनी में आग लगने के मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच : भाजपा
भाजपा ने आनंदपुर में मोमो कंपनी में हाल में आग लगने की घटना की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराये जाने की शनिवार को मांग करते हुए पुलिस जांच पर सवाल उठाये. गत 26 जनवरी को लगी इस भीषण आग में कई लोगों की मौत हो चुकी है. आग में दक्षिण 24 परगना के आनंदपुर में मोमो कंपनी का एक गोदाम और एक विनिर्माण इकाई जलकर राख हो गयी. इस मामले में पुलिस की जांच पर संदेह जताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस ने केवल औपचारिकता निभाने के लिए कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि बड़े लोग अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं. पासवान ने यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह एक मानव निर्मित आपदा थी. अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया. अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त नहीं किया गया था. अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है. पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार करके सिर्फ औपचारिकता पूरी की है. उन्होंने पूछा कि बड़े-बड़े सरगना कहां हैं? मोमो कंपनी के सीइओ कहां हैं? उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गयी? जवाबदेही कब तय होगी? पासवान ने कहा कि भाजपा आनंदपुर अग्निकांड की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.जांच के लिए एसआइटी गठित
कोलकाता. आनंदपुर में हुए भीषण अग्निकांड की जांच के लिए बारुईपुर जिला पुलिस ने विशेष जांच दल यानी एसआइटी का गठन किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. एसआइटी का नेतृत्व बारुईपुर के पुलिस अधीक्षक शुभेंद्र कुमार कर रहे हैं. टीम में जिला पुलिस के दो अतिरिक्त एसपी, नरेंद्रपुर थाने के प्रभारी व मामले के जांच अधिकारी शामिल हैं. गत सोमवार तड़के आनंदपुर स्थित मोमो फैक्टरी और दो गोदाम में लगी भीषण आग में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है. इस घटना के बाद राज्यभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसआइटी का उद्देश्य मामले की हर पहलू से जांच कर जल्द चार्जशीट दाखिल करना है. घटना के सिलसिले में पुलिस पहले ही डेकोरेटर्स कंपनी के मालिक और मोमो कंपनी के दो अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है. तीनों आरोपियों से एसआइटी द्वारा पूछताछ की जा रही है. वहीं, शवों और उसके अवशेषों की पहचान का काम जारी है. पहचान की पुष्टि के बाद शव परिजनों को सौंपे जायेंगे.