गंगासागर की संगम स्थली सजधज कर तैयार, संक्रांति से पहले ही उमड़ा जनसैलाब

ऐसे में हर साल ही इस मोक्ष नगरी में लाखों की संख्या में लोग पुण्य स्नान के लिए पहुंचते हैं.

By GANESH MAHTO | January 13, 2026 1:40 AM

गंगासागर से शिव कुमार राउत

मंत्री अरूप विश्वास का दावा एक जनवरी से सोमवार दोपहर 3 बजे तक 45 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं स्नानगंगासागर. दक्षिण 24 परगना जिले के सागरद्वीप में स्थित गंगा और सागर के मिल स्थल पर हर साल मकर संक्रांति से पहले गंगासागर मेला लगता है. ऐसे में हर साल ही इस मोक्ष नगरी में लाखों की संख्या में लोग पुण्य स्नान के लिए पहुंचते हैं. पर इस बार संक्रांति से पहले ही 12 जनवरी दोपहर तीन बजे तक 45 लाख श्रद्धालु गंगासागर पहुंच कर पावन डुबकी लगा चुके हैं. यह दावा राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास का हैं. वह सोमवार गंगासागर में स्थिति मेला ऑफिस में जिलाधिकारी की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे. मंत्री ने इस दौरान दावा किया कि इस वर्ष मकर संक्रांति से पहले 1 से 12 जनवरी दोपहर 3 बजे तक 45 लाख लोग आस्था की डुबकी लगा चुके है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष कुंभ मेला नहीं लगेगा. इसलिए सागरद्वीप पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या करोड़ों में हो सकती है. उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति के दिन बढ़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए हम पूरी तरह से तैयार है. संवाददाता सम्मेलन में दक्षिण 24 परगना के जिलाधिकारी अरविंद कुमार मीणा, दमकल मंत्री सुजीत बोस , सुंदरवन विकास मंत्री बंकिम चंद्र हाजरा, कोलकाता नगर निगम के आयुक्त व दक्षिण 24 परगना के पूर्व डीएम सुमित गुप्ता, मंत्री बेचाराम मन्ना, पीएचइ मंत्री पुलक राय, सिचाई मंत्री मानस भुइयां समेत अन्य गणमान्य उपस्थित थे.

यातायात की व्यवस्था

संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित राज्य के परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने बताया कि, 14 से 15 जनवरी के बीच पुण्य स्नान के मौके पर भीड़ और बढ़ सकती है, क्योंकि इस बार कुंभ मेला नहीं है. इसलिए इस वर्ष सागर मेले के लिए यातायात व्यवस्था को और बेहतर किया गया है. मंत्री ने बताया कि इस वर्ष हावड़ा- बाबूघाट से लाट 8 तक 3600 सरकारी व निजी बसों का परिचालन किया जा रहा है. वहीं कचुबेरिया से गंगासागर तक 300 बसे चलायी जा रही हैं. मुड़ीगंगा नदी को पार करने के लिए 45 बार्ज, 13 वेसल, 120 लांच (बड़ी नावें) चलायी जा रही हैं. इसके अलावा बीमार श्रद्धालुओं के लिए तीन वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था है.

खोया पाया

इस वर्ष गंगा सगार मेले के दौरान 82 श्रद्धालु अपनों से बिछड़ गये थे. पुलिस और एनजीओं की मदद से 80 बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवार तक पहुंचा दिया गया है. जबकि, शेष दो लोगों के मामले में सोमवार को केस दर्ज हुआ है. जल्द इन लोगों को भी उनके परिवार तक पहुंचा दिया जायेगा.

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