Murshidabad Level Crossing Accident: मुर्शिदाबाद जिले के गोविंदपुर में रेल फाटक पर हुए ट्रेन हादसे पर पश्चिम बंगाल सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. बृहस्पतिवार (23 जुलाई) को बहरमपुर पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हादसे के आरोपी गिरफ्तार गेटमैन को मौत की सजा (Death Penalty) दिलाने का प्रयास करेगी. मुख्यमंत्री ने पुलिस से कहा कि आरोपी गेटमैन की पुलिस हिरासत के दौरान ही जांच पूरी कर जल्द से जल्द आरोपपत्र (Charge Sheet) दाखिल करें, ताकि फास्ट-ट्रैक ट्रायल के जरिये उसे सख्त से सख्त सजा दिलायी जा सके.
पीड़ितों के परिजनों को सीएम ने दिये 5-5 लाख के चेक
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी दोपहर में हेलीकॉप्टर से बहरमपुर पहुंचे और फिर सड़क मार्ग से गोविंदपुर गये. रास्ते में उन्होंने 17 जुलाई को हुए दुर्घटनास्थल का जायजा लिया. उसके बाद गोविंदपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में पीड़ित परिवारों से अलग-अलग मुलाकात की. दुर्घटना में जान गंवाने वाले 5 लोगों (जिनमें 4 स्कूली छात्र शामिल हैं) के परिजनों से उन्होंने बातचीत की और राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपए की सहायता राशि के चेक सौंपे.
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मैं इस दुख की घड़ी में परिजनों के साथ खड़ा हूं. ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दे. अगले 15 दिनों में पीड़ित परिवारों की अन्य मांगों और समस्याओं का भी समाधान कर दिया जायेगा. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
पुलिस प्रशासन को दिये ये निर्देश
- विशेष सरकारी वकील : केस की पैरवी करने के लिए एक विशेष लोक अभियोजक (सरकारी वकील) नियुक्त किया जायेगा.
- कड़ी निगरानी : मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक सचिन मक्कर और जिलाधिकारी राजर्षि मित्रा को जांच प्रक्रिया पर बारीक नजर रखने का सीएम ने निर्देश दिया.
- विधायक को जिम्मेदारी : बेलडांगा के विधायक भारत कुमार झवर और मंत्री गौरीशंकर घोष को स्थिति पर लगातार नजर रखने और मुख्यमंत्री कार्यालय को अपडेट देने को कहा गया है.
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'कर्णसुबर्ण' रेलवे फाटक पर सुरक्षा का भरोसा
दुर्घटना में घायल हुए लोगों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डॉक्टरों ने घायलों को बचाने की हरसंभव कोशिश की. हालांकि, 2 लोगों का इलाज अभी भी जारी है. भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जिलाधिकारी के माध्यम से रेलवे अधिकारियों के समक्ष ‘कर्णसुबर्ण’ समपार फाटक पर सुरक्षा पुख्ता करने का मुद्दा उठायेंगे. उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यकता पड़ी, तो वे खुद इस संबंध में रेल मंत्री से बात करेंगे.
