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पश्चिम बंगाल के लीडर ऑफ ऑपोजीशन शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार के विधानसभा में पेश ‘लेखा अनुदान मांग’ की आलोचना की. उन्होंने इसे ‘झूठा और लक्ष्यहीन दस्तावेज’ करार दिया. वरिष्ठ भाजपा नेता ने दावा किया कि यह दस्तावेज चुनाव से प्रेरित वादों से भरा है. कानूनी रूप से इन्हें लागू करना असंभव है.
सरकार की घोषणाएं भ्रामक – शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने अंतरिम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अधिकांश घोषणाएं भ्रामक हैं, क्योंकि आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू होने के बाद उन्हें क्रियान्वित नहीं किया जा सकता.
14 फरवरी के बाद कभी भी लागू हो सकती है आचार संहिता – शुभेंदु
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अंतिम मतदाता सूची (14 फरवरी को) प्रकाशित होने के बाद, किसी भी समय आचार संहिता लागू हो सकती है. एमसीसी के तहत, सरकार वित्तीय लाभों में वृद्धि नहीं कर सकती है या लाभार्थियों की संख्या नहीं बढ़ा सकती है.
लेखा अनुदान मांग सिर्फ 4 महीने की व्यवस्था – अधिकारी
उन्होंने कहा कि लेखा अनुदान मांग को केवल 4 महीने की व्यवस्था है. इसका उद्देश्य वेतन जैसे नियमित खर्चों को पूरा करना है. शुभेंदु ने कहा कि अप्रैल से लागू होने वाले वादे ‘धोखे के सिवा कुछ नहीं’ हैं.
ममता बनर्जी सरकार का बजट बेरोजगार विरोधी – शुभेंदु
बजट को ‘बेरोजगार विरोधी’ करार देते हुए भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि इसमें रोजगार के कोई ठोस लक्ष्य तय नहीं हैं. शुभेंदु अधिकारी ने कथित तौर पर ‘युवाश्री’ योजना का नाम बदलकर ‘युवा साथी’ किये जाने की आलोचना की. कहा कि यह ‘चालाकी और धोखा’ है. इस योजना के तहत 1,500 रुपए मासिक भत्ता दिया जाता है.
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अंतरिम बजट में महिला सुरक्षा का कोई जिक्र नहीं – नेता प्रतिपक्ष
उन्होंने कहा कि जॉब पोर्टल और युवा भत्ते के वादे बार-बार नाम बदलकर छोड़ दिये गये. अब तक इन पर अमल नहीं हुआ. भाजपा नेता ने दावा किया कि अंतरिम बजट में महिलाओं की सुरक्षा का कोई जिक्र नहीं है. शुभेंदु ने आरोप लगाया कि सरकार मूलभूत सामाजिक चिंताओं को दूर करने में विफल रही है.
भाजपा सत्ता में आयी, तो लक्ष्मीर भंडार की राशि 3000 रुपए होगी – शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में आती है, तो ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत वित्तीय सहायता बढ़ाने की संभावना तलाशने के लिए एक समिति का गठन करेगी. उन्होंने संकेत दिया कि सहायता राशि बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रति माह की जा सकती है. उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार सत्ता संभालने के 6 महीने के भीतर रोजगार संबंधी मुद्दों का समाधान करेगी.
बंगाल में 4.06 लाख करोड़ का अंतरिम बजट पेश
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपए का अंतरिम बजट पेश किया. इसमें 3 महीने से भी कम समय में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले महिलाओं, युवाओं और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को लक्षित करते हुए नकद सहायता और भत्ते में वृद्धि के प्रावधान किये गये हैं.
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