कोलकाता अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार को तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित राय से सालबनी में भूमि हड़पने के मामले में पुलिस पूछताछ के संबंध में सीलबंद रिपोर्ट अदालत में जमा करने की अनुमति दे दी. इससे पहले सुनवाई के दौरान बंगाल सरकार ने आरोप लगाया था कि सुमित राय जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. न्यायालय ने इससे पहले 31 अगस्त को राज्य सरकार को सुमित राय से पूछताछ से जुड़े रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया था. पीठ ने अगली सुनवाई तक सुमित की गिरफ्तारी पर लगी रोक की मियाद भी बढ़ा दी थी.
दाखिल होगी पूछताछ की रिपोर्ट
राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए सोमवार को पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति जस्टिस वी मोहना की पीठ को बताया कि सरकार सुमित राय से हुई विस्तृत पूछताछ की रिपोर्ट दाखिल करना चाहती है. उन्होंने कहा- पिछली सुनवाई में यह सवाल पूछा गया था कि क्या उनसे भारी मात्रा में नकद जमा करने के मामले पर पूछताछ की गयी थी. उनसे विस्तार से पूछताछ की गयी, लेकिन वे गोलमोल जवाब देते रहे. मेरे पास बातचीत का लिखित ब्योरा है. इसे कल या परसों पेश किया जा सकता है.
आरोपी के साथ अभी नहीं होगी रिपोर्ट साझा
मेहता की ओर से यह जानकारी तब दी गयी, जब राय का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन के अन्य अदालत में व्यस्त होने का हवाला देते हुए सुनवाई को कुछ देर के लिए टालने का अनुरोध किया. सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वह केवल पीठ के अवलोकन के लिए सीलबंद लिफाफे में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में दाखिल करने का अनुरोध इसलिए किया गया है, क्योंकि पुलिस अभी जांच की जानकारी आरोपी के साथ साझा नहीं कर सकती.
अभी नहीं होगी गिरफ्तारी
इस बीच, पीठ ने सॉलिसिटर जनरल की अपील स्वीकार करते हुए राय को गिरफ्तारी से मिली राहत की मियाद अगली सुनवाई तक बढ़ा दी. पीठ तीन अगस्त को कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा राय की सालबनी भूमि हड़प मामले में दाखिल अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी. उच्चतम न्यायालय ने छह अगस्त को सुमित राय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी.
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सुमित के खिलाफ लगे हैं कई आरोप
इससे पहले, शंकरनारायणन ने दलील दी थी कि पूरी पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग की गयी है और उनके मुवक्किल राय ने पूछे गये सभी सवालों के जवाब दिये हैं. सुमित राय के खिलाफ मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
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