जेयू की घटना के विरोध में वामपंथी छात्र संगठनों व टीएमसीपी समर्थकों में टकराव

वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एआइडीएसओ) के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया गया. हमले का आरोप तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद के कार्यकर्ताओं पर है. इस हमले में 10 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं

पांशकुड़ा में 10 घायल

हल्दिया/कोलकाता. जादवपुर विश्वविद्यालय की घटना के विरोध में सोमवार को पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा बनमाली कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर रहे वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एआइडीएसओ) के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया गया. हमले का आरोप तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद के कार्यकर्ताओं पर है. इस हमले में 10 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां सात को प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया, जबकि तीन घायलों को भर्ती किया गया है. इन तीनों को अधिक चोटें लगी हैं.

जानकारी के अनुसार, एआइडीएसओ के कार्यकर्ता धरने पर बैठे थे.

इसी दौरान उनलोगों पर हमला कर दिया गया. प्रदर्शनकारियों को सड़क पर घसीट कर बेहरमी से पीटा गया. खबर पाकर मौके पर पुलिस पहुंची और स्थिति को काबू में किया. इस हमले में जिला सचिव निरुपमा बक्शी, कॉलेज कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर प्रमाणिक भी घायल हुए हैं. घटना में अभी तक किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है. उधर, पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मेदिनीपुर शहर, दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी, कूचबिहार जिले में तृणमूल की छात्र शाखा के सदस्यों की ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एआइडीएसओ) व एसएफआइ के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं. झड़प में दर्जनों छात्रों के घायल होने की खबर है. इसमें एक छात्र की हालत गंभीर बतायी जा रही है. जादवपुर और प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालयों के परिसर सोमवार सुबह सुनसान रहे, क्योंकि आम छात्र, संकाय सदस्य और अन्य कर्मचारी यहां नहीं पहुंचे जबकि एसएफआइ के सदस्य सुबह 10 बजे से शुरू हुई एक दिन की हड़ताल के लिए परिसरों में एकत्र हुए. अधिकारियों ने बताया कि कलकत्ता विश्वविद्यालय, रवींद्र भारती विश्वविद्यालय, उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय और बर्दवान विश्वविद्यालय जैसे अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसर आंशिक रूप से प्रभावित हुए और सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित होने के बावजूद कुछ कक्षाएं नहीं हुईं. हालांकि, जादवपुर और प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालयों के विपरीत, इन परिसरों में एसएफआइ के कार्यकर्ताओं की संख्या कम देखी गयी. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की छात्र शाखा तृणमूल छात्र परिषद के कार्यकर्ता भी परिसरों में देखे गये. हड़ताल से वाहनों की आवाजाही प्रभावित नहीं हुई है क्योंकि एसएफआइ कार्यकर्ताओं ने सड़क यातायात में कोई व्यवधान नहीं डाला और स्कूली विद्यार्थी सुबह से ही राज्य भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर बिना दिक्कत के पहुंचे. उच्च माध्यमिक की परीक्षाएं भी सोमवार को शुरू हो गयीं. एसएफआइ के राज्य समिति सदस्य शुभजीत सरकार ने आरोप लगाया, ‘तृणमूल द्वारा आश्रय प्राप्त बाहरी लोगों ने शनिवार को बसु की मौजूदगी में डब्ल्यूबीसीयूपीए की वार्षिक आम बैठक के दौरान जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा और तोड़फोड़ को उकसाया था.’ सरकार ने कहा: छात्र केवल कुलपति की मौजूदगी में शिक्षा मंत्री से चर्चा करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने (मंत्री ने) छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किया और गुस्से में परिसर से बाहर जाने की कोशिश की. उन्होंने कहा: दो छात्रों के घायल होने के लिए बसु जिम्मेदार हैं और हम राज्य मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे की तथा जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति को भड़काने के लिए उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग करते हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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