प्रतिनिधि, हल्दिया
राज्य में करीब 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति को अमान्य करार दिये जाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की. भाजपा नेता अधिकारी ने कांथी में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह भी आरोप लगाया : तृणमूल सरकार व एसएससी अयोग्य अभ्यर्थियों का विवरण दे पाने में विफल रहे हैं. हजारों की नौकरियां जाने के लिए राज्य सरकार व एसएससी जिम्मेदार हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नियुक्तियों के अमान्य होने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और उनकी पार्टी हजारों योग्य अभ्यर्थियों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार है. हम (भाजपा) इस मामले में मुख्यमंत्री की संलिप्तता के लिए उनके इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग करते हैं. श्री अधिकारी ने कहा : उच्चतम न्यायालय ने एसएससी को योग्य और अयोग्य शिक्षकों के बीच अंतर करने के लिए बार-बार समय दिया. कैबिनेट द्वारा पांच मई, 2022 को अवैध रूप से अतिरिक्त पदों का सृजन किये जाने के बाद, मैं एसएससी कार्यालय पहुंचा और आयोग से योग्य व अयोग्य शिक्षकों की सूची तैयार करके अदालत में जमा करने की मांग की. लेकिन आयोग ने इसमें ढिलाई बरती. हमने आयोग से कहा था कि अगर यह काम तत्काल नहीं किया गया, तो जिन लोगों को सही तरीके से नौकरी मिली है, वे मुश्किल में पड़ जायेंगे और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लग जायेगी.
पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी पर भी बरसे : भाजपा नेता अधिकारी ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी पर उनके कार्यकाल के दौरान एसएससी के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को समाप्त करने का भी आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक आंदोलन का आह्वान करते हुए कहा : कई जगहों पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सदस्यों ने आंदोलन भी शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि सुना है कि जिन लोगों की नौकरियां चली गयीं, उनसे मुख्यमंत्री बनर्जी सात अप्रैल को बात करेंगी. सवाल यह है कि अब मुख्यमंत्री क्या बोलेंगी? तृणमूल के इलेक्टोरल बॉन्ड में 1,600 करोड़ रुपये की राशि है. हम यह भी चाहते हैं कि जिन लोगों की नौकरियां रद्द की गयीं है और उन्हें वेतन की जो राशि लौटानी है, वह तृणमूल के फंड से दी जाये. भाजपा नेता ने यह भी कहा : यदि कलकत्ता हाइकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गांगुली के राय को चैलेंज नहीं किया जाता, तब 19 हजार योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्तियां रद्द नहीं होतीं.संवाददाता सम्मेलन के बाद ही श्री अधिकारी के नेतृत्व में कांथी में भाजपा की रैली निकाली गयी. रैली राज्य में हिंदुओं पर कथित हमले के खिलाफ था. यह रैली कांथी के रूपसी बाइपास से शुरू हुई, जो अलग-अलग मार्गों से गुजरते हुए पोस्ट ऑफिस मोड़ के पास समाप्त हुई.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
