आरयूएसए परियोजना के लंबित कार्यों को पूरा करे राज्य सरकार

सुकांत मजूमदार का दावा है कि केंद्र द्वारा लगातार फंडिंग के बावजूद राज्य में आरयूएसए के तहत कई परियोजनाएं पिछले 10 सालों से अटकी हुई हैं.

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने राज्य के शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र कोलकाता. केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (आरयूएसए) परियोजना के तहत लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु को एक पत्र लिखा है. सुकांत मजूमदार का दावा है कि केंद्र द्वारा लगातार फंडिंग के बावजूद राज्य में आरयूएसए के तहत कई परियोजनाएं पिछले 10 सालों से अटकी हुई हैं. पत्र में उन्होंने बताया कि 2013 से अब तक आरयूएसए के तहत राज्य के लिए 205 परियोजनाएं स्वीकृत की गयीं, लेकिन इनमें से बहुत कम ही पूरी हो पायी हैं. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए लिखा कि केंद्र ने इन परियोजनाओं के लिए 544.73 करोड़ रुपये आवंटित करने की बात कही थी, जिसमें से 383.69 करोड़ रुपये पहले ही जारी किये जा चुके हैं, फिर भी काम में कोई खास प्रगति नहीं हुई है. मजूमदार ने विशेष रूप से जाधवपुर विश्वविद्यालय जैसी संस्थाओं का जिक्र किया, जहां 100 करोड़ रुपये की परियोजनाएं आवंटित होने के बावजूद काम बेहद धीमी गति से चल रहा है. इसके अलावा आरयूएसए के पहले चरण में रानी बिड़ला गर्ल्स कॉलेज, बारासात कॉलेज, सावित्री गर्ल्स कॉलेज और महाराजा मणींद्र चंद्र कॉलेज जैसे संस्थानों को दो-दो करोड़ रुपये दिये गये थे, लेकिन इन कॉलेजों में भी उच्च शिक्षा परियोजनाओं पर काम आगे नहीं बढ़ पाया है. इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए जब राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि पत्र मिलने पर ही वह इस संबंध में कोई टिप्पणी कर पायेंगे.

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Author: GANESH MAHTO

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