खास बातें
Sreelekha Mitra Tollywood Ban: पश्चिम बंगाल की राजनीति से लेकर सांस्कृतिक जगत तक इन दिनों बड़े-बड़े सिंडिकेट और बगावत के राजफाश हो रहे हैं. इसी बीच बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री (Tollywood) का एक ऐसा खौफनाक और काला सच सामने आया है, जिसने पूरे भद्रलोक को झकझोर कर रख दिया है.
बेबाकी और दमदार अभिनय के लिए जानी जाती हैं श्रीलेखा
अपनी बेबाकी और दमदार अभिनय के लिए पहचानी जाने वाली कद्दावर अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा (Sreelekha Mitra) ने एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक खुलासा किया. उन्होंने दावा किया है कि टॉलीवुड के एक बेहद प्रभावशाली ‘पावर क्लब’ और ‘सिंडिकेट’ ने उन्हें पूरे 10 साल के लिए इंडस्ट्री से व्यावहारिक रूप से बैन (Ban) कर दिया था.
टॉलीवुड में नेपोटिज्म और कैंप कल्ट का जानलेवा जाल
टॉलीवुड में जारी तकनीशियन विद्रोह के बीच श्रीलेखा मित्रा का यह बयान यह साबित करता है कि बंगाल के सिनेमाई जगत में ‘नेपोटिज्म’ और ‘कैंप कल्ट’ (गुटबाजी) का जाल कितना गहरा और जानलेवा है.
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पावर लॉबी के आगे झुकने से इनकार की चुकानी पड़ी कीमत
श्रीलेखा मित्रा ने बांग्ला मीडिया और अपने सोशल मीडिया इनपुट्स के जरिये टॉलीवुड के भीतर छिपे उन सफेदपोशों पर सीधा निशाना साधा है, जो अभिनेताओं का करियर तय करते हैं. अभिनेत्री का आरोप है कि टॉलीवुड में कुछ खास निर्देशकों, कद्दावर अभिनेताओं और निर्माताओं का एक ऐसा गुट (Syndicate) सक्रिय है, जिसकी मर्जी के बिना किसी भी काबिल कलाकार को काम नहीं मिलता.
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जी-हुजूरी न करने की मिली सजा : श्रीलेखा मित्रा
श्रीलेखा ने कहा कि उन्होंने कभी भी इंडस्ट्री के इन स्वयंभू आकाओं की जी-हुजूरी नहीं की. न ही वे किसी विशेष ‘कैंप’ का हिस्सा बनीं. इसी स्वाभिमान की सजा उन्हें दी गयी. उन्हें लगातार अच्छी फिल्मों से बाहर कर दिया गया और निर्माताओं पर उन्हें काम न देने का परोक्ष दबाव बनाया गया.
Sreelekha Mitra Tollywood Ban: प्रतिभा को दरकिनार कर अपनों को मिला काम
श्रीलेखा मित्रा के अनुसार, कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराही गयी फिल्मों का हिस्सा रहने के बावजूद उनके जीवन के सबसे बेहतरीन 10 साल इस अघोषित प्रतिबंध की भेंट चढ़ गये. उनकी जगह उन लोगों को काम दिया गया, जो अभिनय में उनसे कहीं पीछे थे, लेकिन ‘पावर लॉबी’ के पसंदीदा थे.
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श्रीलेखा के खुलासे के गहरे सियासी मायने
राजनीतिक और सांस्कृतिक विश्लेषकों का मानना है कि श्रीलेखा मित्रा का यह दर्द ऐसे वक्त पर सामने आया है, जब टॉलीवुड में फेडरेशन के अध्यक्ष स्वरूप विश्वास के ‘सिंडिकेट राज’ के खिलाफ निर्देशकों और टेक्नीशियनों ने विद्रोह कर रखा है. तृणमूल कांग्रेस के भीतर मची बगावत के चलते वैसे ही सत्ता का नियंत्रण कमजोर हुआ है, जिसके कारण अब पीड़ित कलाकार और निर्देशक बिना किसी डर के खुलकर सामने आ रहे हैं.
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