सीमा पर भिड़े भारतीय व बांग्लादेशी किसान, पथराव

एक बार फिर मालदा के सुखदेवपुर स्थित भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दोनों देशों के लोग आपस में भिड़ गये. शनिवार की सुबह करीब 11.45 बजे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 119वीं बटालियन की सीमा चौकी सुखदेवपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बड़ी तादाद में भारतीय और बांग्लादेशी किसानों के बीच झड़प हो गयी. इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से जमकर पथराव किया गया.

कोलकाता.

एक बार फिर मालदा के सुखदेवपुर स्थित भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दोनों देशों के लोग आपस में भिड़ गये. शनिवार की सुबह करीब 11.45 बजे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 119वीं बटालियन की सीमा चौकी सुखदेवपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बड़ी तादाद में भारतीय और बांग्लादेशी किसानों के बीच झड़प हो गयी. इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से जमकर पथराव किया गया.

सूचना मिलते ही बीएसएफ और बॉर्डर गॉर्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के जवान मौके पर पहुंचे और अपने-अपने देश के किसानों को तितर-बितर करते हुए स्थिति को नियंत्रण में किया. आंसू गैस के गोले दागने की भी सूचना है. हालांकि, बीएसएफ की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया. काफी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया गया. घटना में किसी भारतीय के घायल होने की सूचना नहीं है.

सुबह सुखदेवपुर स्थित भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय और बांग्लादेशी किसानों के बीच मामूली कहासुनी के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. यह घटना उस समय हुई जब कुछ भारतीय किसान सामान्य दिनों की तरह सीमा के पास अपने खेतों में काम कर रहे थे. इस क्षेत्र के बड़े हिस्से में बाड़ नहीं लगे हैं. बांग्लादेश की ओर से भारतीय किसानों की फसल चोरी करने का आरोप लगा. इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गयी. बड़ी संख्या में दोनों देश के किसान व सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोग वहां एकत्रित होने लगे. कुछ ही देर में दोनों देशों के लोग एक-दूसरे पर पथराव करने लगे. वृहद इलाके में तारबंदी नहीं होने से भारतीय किसानों को भी आगे जाने में रुकावट का सामना नहीं करना पड़ा और उन्होंने बांग्लादेशी किसानों को खदेड़ना शुरू कर दिया.

हालांकि, बीएसएफ के प्रभावी हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में हो पायी. बीएसएफ ने भारतीय किसानों को सीमा पर इस तरीके के विवादों से दूर रहने की सलाह दी और भविष्य में सीमा पर खेती से संबंधित कोई भी समस्या होने पर बीएसएफ को सूचित करने के लिए कहा. बीजीबी ने भी स्थिति को नियंत्रण करने में सकारात्मक भूमिका निभायी और अविलंब अपने क्षेत्र में जरूरी कार्रवाई कर स्थिति और बिगड़ने से रोक दिया.

बीएसएफ व बीजीबी अधिकारियों के बीच हुई बात : घटना को लेकर संबंधित क्षेत्र के बीएसएफ और बीजीबी यूनिट के कमांडेंट में भी बात हुई है. वे आपस में मिलकर बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं. भारतीय किसानों को पूरी तरह वापस कर लिया गया है, लेकिन इस दिन दोपहर तक अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा से 50-75 मीटर बांग्लादेश के भीतर कुछ-एक बांग्लादेशी नागरिकों की उपस्थिति देखी गयी, जिन्हें बीजीबी हटाने का प्रयास लगातार करती देखी गयी.

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