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SIR Tribunal: बर्धमान/पानागढ़. मुकेश तिवारी. पश्चिम बंगाल में अंतिम सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी कर दी गयी है. सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट भी नाम नहीं आने पर लोगों में मायूसी और गुस्सा है. ऐसे लोगों की आखिरी उम्मीद ट्रिब्यूनल है. लोग अपने मताधिकार को वापस पाने के लिए रविवार मध्य रात से ही कटवा महकमा शासक कार्यालय न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) के समक्ष लंबी लाइन लगाकर खड़े है. इस लाइन में महिलाएं, बुजुर्ग, गर्भवती और पुरुष सभी देखे जा सकते है. सोमवार सुबह कटवा न्यायाधिकरण कार्यालय के समक्ष लोगों को देखा गया.
कतार में भूखा- प्यासा परिवार
कतार में खड़े हर चेहरे पर केवल मायूसी और आतंक नजर आ रहा है. हाथों में दस्तावेज और भूखे प्यासे परिवार के परिवार लंबी लाइन में खड़े नजर आए. अपने मताधिकार की लड़ाई करते इन लोगों की तकलीफ वास्तव में इस हालत में देखी गई. तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेता लाखों लाख वोटरों के वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को लेकर लड़ाई कर रही है. स्वय भाजपा के लोग भी इस इश्यू को लेकर न्यायाधिकरण के पास दौड़ लगा रहे है.
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वोटर लिस्ट में बच्चों के नाम
लाइन में लगे कुछ लोगों ने बताया कि उनकी उनके परिवार के सभी लोगों का नाम वोटर लिस्ट में है. एक ही पिता के चार बच्चों का नाम है, लेकिन मेरा ही नाम डिलीट कर दिया गया. यह कहा का इंसाफ है. सारा दस्तावेज देने के बाद भी रात से न्यायाधिकरण में शिकायत करने के लिए खड़ा हूं. इसी तरह के अन्य लोगों की भी अलग अलग कहानी और पीड़ा देखने को मिली. लोगों ने कहा कि दस्तावेज जमा होने के बाद भी सूची में नाम नहीं आ रहा है.
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