एसआइआर : सुनवाई में नहीं पहुंचे छह लाख मतदाता

राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की सुनवाई प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हो गयी. चुनाव आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित होगी.

संवाददाता, कोलकाता

राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की सुनवाई प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हो गयी. चुनाव आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित होगी. सुनवाई में हाजिर नहीं होने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाये जाने की संभावना है. ऐसे मतदाताओं की संख्या छह लाख के आसपास बतायी जा रही है. तार्किक विसंगति और अनमैप्ड की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं में 10 फीसदी का नाम कट सकता है. बताया जा रहा है कि ये मतदाता सुनवाई के दौरान आयोग की तरफ से बताये गये 13 दस्तावेजों में से एक भी दस्तावेज जमा नहीं कर सके. गौरतलब है कि एसआइआर के पहले चरण में कुल 58,20,899 मतदाताओं के नाम हटाये गये थे, जिसमें 24 लाख मृत मतदाता हैं. 19,88,076 मतदाता अपना स्थान परिवर्तन कर लिया और 12,20,039 मतदाताओं का कोई अता-पता नहीं है. लगभग 80 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाये जा सकते हैं.

एसआइआर की सुनवाई की प्रक्रिया हुई समाप्त

तार्किक विसंगति और अनमैप्ड श्रेणी में शामिल मतदाताओं में 10 फीसदी का वोटर लिस्ट से कट सकता है नाम

सबसे ज्यादा उत्तर 24 परगना में गैरहाजिर रहे

उत्तर 24 परगना 1,38,000दक्षिण 24 परगना46,000दक्षिण कोलकाता22,000उत्तर कोलकाता2000कालिम्पोंग 440

चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आयोग ने विशेष पर्यवेक्षक किया नियुक्त

कोलकाता. निर्वाचन आयोग ने राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक स्पेशल ऑब्जर्वर (िवशेष पर्यवेक्षक) नियुक्त किया है. उत्तर प्रदेश के पूर्व आइपीएस एनके मिश्रा को यह जिम्मेदारी दी गयी है. शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीइओ) मनोज अग्रवाल और सभी जिला चुनाव अधिकारियों (डीइओ) के साथ वर्चुअली बैठक कर साफ कर दिया है कि अगर एसआइआर प्रकिया में जान-बूझकर की जाने वाली गलती सामने आती है, तो इसकी जिम्मेदारी डीइओ को लेनी होगी. एसआइआर के दौरान सामने आयी ‘तार्किक विसंगति’ को दूर करने के लिए की जा रही सुनवाई शनिवार को समाप्त हो गयी. निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जायेगी. नामों की वर्तनी में हुई गलती और विसंगतियों से संबंधित सुनवाई 27 दिसंबर को शुरू हुई थी. चुनाव अधिकारी अब 21 फरवरी तक दस्तावेजों की जांच करेंगे. अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जानी है. अधिकारी ने बताया कि सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एइआरओ) के पास लंबित कोई भी दस्तावेज सोमवार तक अपलोड किये जाने चाहिए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >