एसआईआर का एनआरसी कनेक्शन! राज्यसभा में केंद्र पर बरसीं तृणमूल सांसद सुष्मिता

तृणमूल कांग्रेस की एक सांसद ने केंद्र सरकार पर हमला बोलेत हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की आड़ में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजेंस (एनआरसी) को लागू करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार के लिए यह भारी पड़ेगा.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले वोट शुद्धिकरण अभियान के तहत चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को राज्यसभा की एक सांसद ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से जोड़ दिया है. तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव कर रही है. उन्होंने कहा कि एसआईआर की आड़ में केंद्र सरकार एनआरसी लागू करने का प्रयास कर रही है. सुष्मिता ने कहा कि केंद्र को यह दांव उल्टा पड़ेगा.

कुछ राज्यों के साथ भेदभाव कर रही केंद्र सरकार – सुष्मिता

संसद के अपर हाउस में बजट 2026-27 पर चर्चा में भाग लेते हुए सुष्मिता देव ने कहा कि केंद्र सरकार जिस तरह से कुछ राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है, उससे भारत को विकसित देश बनाने में मदद नहीं मिलेगी. तृणमूल कांग्रेस की सांसद ने सरकार से जानना चाहा कि पश्चिम बंगाल एवं असम से कितने घुसपैठिये पकड़े गये. उन्होंने इसका आंकड़ा सार्वजनिक करने की मांग की.

जनगणना कराये बिना बजट कैसे ला रही केंद्र सरकार – सुष्मिता

सुष्मिता देव ने कहा कि सरकार पिछले कई सालों से जनगणना कराये बिना बजट कैसे ला रही है. उन्होंने कहा कि जनगणना के बिना लोगों से जुड़े वास्तविक आंकड़े कैसे पता चल पायेंगे. टीएमसी सांसद ने कहा कि नीति आयोग जिस आधार पर लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर मानता है, उनमें से एक आधार व्यक्ति के पास जनधन खाता होना है, जबकि देश में 20 प्रतिशत से अधिक जनधन खाते निष्क्रिय पड़े हैं.

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मोदी सरकार ने कितने युवाओं को दी नौकरी – टीएमसी ने पूछा

तृणमूल की सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार युवा शक्ति की बात करती है. वित्त मंत्री को बताना चाहिए कि इस सरकार के सत्ता में आने के बाद कितने युवाओं को नौकरी मिली. उन्होंने दावा कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी में 40 प्रतिशत की कमी आयी है. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में जहां असमानता बढ़ी है. रुपये की कीमत घटती जा रही है.

केंद्र ने रोक रखे हैं बंगाल के 2 लाख करोड़ रुपए – तृणमूल कांग्रेस सांसद

सुष्मिता ने राज्यसभा में कहा कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के 2 लाख करोड़ रुपए रोक रखे हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं की धनराशि केंद्र ने राज्य को नहीं दिये. उन्होंने कहा कि असम में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन वहां की राज्य सरकार को लोन लेना पड़ा, क्यों?

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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