SIR In Supreme Court: नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में एसआईआर सुप्रीम कोर्ट में जोरदार बहस चल रही है. ममता बनर्जी की एसआईआर संबंधी याचिका पर यह सुनवाई चल रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कोर्ट रूम में मौजूद हैं. सुनवाई शुरू होने के बाद सबसे पहले ममता का पक्ष वकीलों ने रखा. शुरुआत में मुख्यमंत्री आगे की पंक्ति में नहीं बैठीं थी, लेकिन सुनवाई शुरू होने के कुछ ही समय बाद ममता बनर्जी ने अपनी सीट बदल ली. वह पहली पंक्ति में आकर बैठ गयी. वरिष्ठ वकील कपिल सिबल वर्चुअल माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए हैं, जबकि श्याम दीवान कोर्ट रूम में बहस की शुरुआत की.
तार्किक विसंगति का कारण बताये आयोग
श्याम दीवान ने कोर्ट में कुछ दस्तावेज पेश किया हैं और न्यायाधीशों से उसे देखने का अनुरोध किया है. उनका अनुरोध है कि इसे ऑनलाइन प्रकाशित किया जाए. यह बताने का अनुरोध किया गया है कि तार्किक विसंगति किस कारण से कही जा रही है. तार्किक विसंगति का कारण बताने का अनुरोध किया गया है. राज्य सरकार का कहना है कि अंतिम सूची प्रकाशित करने के लिए 11 दिन शेष हैं. सुनवाई 7 फरवरी तक चलेगी. अभी 32 लाख लोगों की सुनवाई बाकी है. चार दिनों में सुनवाई पूरी करने के लिए प्रतिदिन 15 लाख लोगों की सुनवाई करनी होगी. लोग चार से पांच घंटे तक लाइन में इंतजार कर रहे हैं. इन सबके बीच मुख्यमंत्री ने बोलने की कोशिश की.
ममता ने न्यायाधीशों से लगायी न्याय की गुहार
कपिल सिबल के भाषण के बीच में ही मुख्यमंत्री ने बोलना शुरू किया. तब जजों ने उन्हें बोलने की अनुमति दी. मुख्यमंत्री ने न्यायाधीशों को धन्यवाद दिया. उन्होंने गुहार लगाई- हमें न्याय नहीं मिल रहा है. पूरा देश बेनजीर भुट्टो जैसी स्थिति का सामना कर रही है. मुख्यमंत्री ने न्यायाधीश के समक्ष गुहार लगाते हुए कहा-मुझे न्याय नहीं मिल रहा है. मैंने राष्ट्रीय चुनाव आयोग को छह बार पत्र लिखा है. मुझे अपने पत्र का एक बार भी जवाब नहीं मिला है. फिर राज्य की मुख्यमंत्री को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष यह कहते हुए सुना गया- मैं एक आम आदमी हूँ. शायद कम महत्वपूर्ण. मुख्य न्यायाधीश ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने एक मुकदमा दायर किया है और कपिल सिबल उस मुकदमे की पैरवी कर रहे हैं.
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