क्रिकेटर मोहम्मद शमी के बाद अब फुटबॉलर मेहताब हुसैन को नोटिस, संदिग्ध वोटरों की सूची में बंगाल के कई नामचीन नाम

SIR in Bengal : मेहताब से पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार, अमर्त्य सेन और मोहम्मद शमी जैसे लोगों को भी एसआईआर की सुनवाई में बुलाया गया था. मेहताब ने भी आज यही बात कही. उन्होंने कहा कि इन मामलों पर विचार किया जाना चाहिए. अन्यथा, यह उत्पीड़न जारी रहेगा.

SIR in Bengal : कोलकाता. बंगाल में इस साल चुनाव होने हैं. चुनाव आयोग बंगाल में मतदाता सूची को अपडेट कर रहा है. नयी वोटर लिस्ट जारी होने से पहले बंगाल में चल रहे SIR को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. चुनाव आयोग की ओर से जारी संदिग्ध वोटरों की सूची में बंगाल के कई नामचीन हस्तियों के नाम शामिल हो चुके हैं. ताजा मामला देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके फुटबॉलर मेहताब हुसैन का है. चुनाव आयोग ने मेहताब हुसैन को संदिग्ध वोटर की सूची में रखा है. उन्हें एसआईआर सुनवाई के लिए तलब किया गया है. इससे पहले, बंगाल के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को भी एसआईआर सुनवाई के लिए तलब किया गया था.

एक फरवरी को सुनवाई के लिए बुलाया

फुटबॉलर मेहताब हुसैन ने कोलकाता की दो प्रमुख टीमों के लिए खेला है. उन्हें राष्ट्रीय जर्सी पहने कर देश के लिए खेलने का भी मौका मिल चुका है. एसआईआर नोटिस पाकर स्तब्ध हैं. पूर्व फुटबॉलर को 1 फरवरी को बरुईपुर के पास मल्लिकपुर स्थित अब्दस शकूर हाई स्कूल में पेश होना होगा. बुधवार रात को मेहताब हुसैन को बीएलओ का फोन आया. उनका नाम 2002 की मतदाता सूची में था. हालांकि, उन्हें बताया गया कि उनकी मां के नाम में गलती हो गई है. इसलिए, मेहताब को सुनवाई के लिए बुलाया गया है. मेहताब से पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार, अमर्त्य सेन और मोहम्मद शमी जैसे लोगों को भी एसआईआर की सुनवाई में बुलाया गया था. मेहताब ने भी आज यही बात कही. उन्होंने कहा कि इन मामलों पर विचार किया जाना चाहिए. अन्यथा, यह उत्पीड़न जारी रहेगा.

चुनाव आयोग का रवैया परेशान करनेवाला

मेहताब फिलहाल बंगाल सुपर लीग में व्यस्त हैं. इसलिए, अगर उनकी टीम फाइनल में पहुंचती है, तो वे 1 फरवरी को होने वाली सुनवाई में शामिल नहीं हो पाएंगे. नतीजतन, वे 2 फरवरी को होने वाली सुनवाई में शामिल होने का अनुरोध किये हैं. मेहताब अब न्यू टाउन में रहते हैं, लेकिन उनका मूल घर मल्लिकपुर में है. इसलिए वे अभी भी वहां के मतदाता हैं. सुनवाई के लिए बुलाए जाने पर मेहताब बहुत नाराज हैं. वो कहते हैं- अब इसे और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. ऑफिस है, फुटबॉल है. बहुत से लोग मेरी तरह व्यस्त हैं. बहुत से लोगों को हर दिन इस तरह की उत्पीड़न झेलनी पड़ती है.

बीजेपी जॉइन करने के 24 घंटे बाद ही छोड़ी थी राजनीति

बीजेपी में शामिल होने के एक दिन बाद पूर्व भारतीय फुटबॉलर मेहताब हुसैन ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं. कोलकाता मैदान में ‘मिडफील्ड जनरल’ के नाम से मशहूर हुसैन ने कहा कि राजनीति छोड़ने का फैसला व्यक्तिगत है, क्योंकि वह राजनीतिक दल में शामिल होने के अचानक लिए गए फैसले से अपने परिवार और फैंस को हुई पीड़ा से व्यथित हैं. ईस्ट बंगाल के पूर्व कप्तान को बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुरलीधर सेन लेन स्थित दफ्तर में भारत माता की जय के नारों के बीच बीजेपी का झंडा थमाया गया था. हुसैन ने उस वक्त फेसबुक पोस्ट में कहा- आज से मैं किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा हूं. मैं अपने इस फैसले के लिए सभी फैंस से माफी मांगता हूं.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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