एनसीपीआई के 20 सांसदों से मिलेंगे शुभेंदु अधिकारी, बोले सुदीप बंद्योपाध्याय

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी दिल्ली में नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के 20 लोकसभा सदस्यों से मुलाकात करेंगे. यह बैठक मुख्य रूप से सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों के विकास कार्यों और पार्टी कार्यकर्ताओं के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगी.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को नयी दिल्ली में नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के 20 लोकसभा सदस्यों के साथ बैठक करेंगे. एनसीपीआई के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने के बाद दोनों पक्षों के बीच यह पहली औपचारिक बैठक होगी. एनसीपीआई संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने यह जानकारी दी.

दिल्ली के बंग भवन में होगी बैठक

सुदीप बनर्जी ने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और 4 मई को पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद कथित तौर पर विस्थापित हुए पार्टी कार्यकर्ताओं के पुनर्वास के मुद्दे पर चर्चा होगी. राज्य अतिथि गृह ‘बंग भवन’ में यह बैठक प्रस्तावित है. पिछले सप्ताह भी दोनों पक्षों के बीच बैठक की संभावना थी, लेकिन वह नहीं हो सकी.

पार्टी कार्यकर्ताओं की घर वापसी चाहते हैं : सुदीप

एनसीपीआई के भावी राजनीतिक कदम और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ उसके संबंधों को लेकर जारी अटकलों के बीच इस बैठक पर नजर रहेगी. सुदीप ने कहा- बंगाल में सरकार बदलने के बाद हमारी पार्टी के कई कार्यकर्ता बेघर हो गये हैं. हम चाहते हैं कि उन्हें उनके घरों में वापस लाया जाये. एनसीपीआई के भविष्य को लेकर अटकलें जारी रहने के बीच, सुदीप बंद्योपाध्याय की बातों से संकेत मिलता है कि नेतृत्व इस बैठक को राजनीतिक गठजोड़ की बजाय कामकाज और प्रशासनिक तालमेल पर केंद्रित दिखाना चाहता है.

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शुभेंदु के साथ बैठक का क्या होगा एजेंडा?

  • सांसद निधि (एमपीलैड) का इस्तेमाल
  • विकास परियोजनाओं पर राज्य सरकार के साथ तालमेल
  • संसद के मॉनसून सत्र के दौरान उठाये जाने वाले मुद्दे

एनसीपीआई सांसद पहली बार ‘मंगल मिलन’ में पहुंचे

मंगलवार की बैठक इसलिए भी अहम है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही एनसीपीआई के सांसदों ने पहली बार एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक में हिस्सा लिया था. इससे केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ उनके बढ़ते जुड़ाव का संकेत मिलता है, जो पार्टी के एनडीए का हिस्सा बनने के फैसले के बाद हुआ है.

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ममता बनर्जी का साथ छोड़ सांसदों ने थामा एनसीपीआई का दामन

तृणमूल के 20 बागी लोकसभा सदस्यों ने इस साल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी से अलग होने के बाद एनसीपीआई का दामन थामा था. हालांकि, वे अब संसद के भीतर एनडीए के सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं, फिर भी यह समूह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा उनके दल-बदल से जुड़े मुद्दों पर अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है. इसमें तृणमूल कांग्रेस द्वारा दल-बदल विरोधी कानून के तहत इन सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए याचिकाएं दायर की हैं.

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8 जून को टीएमसी के बागी सांसदों से मिले थे शुभेंदु

शुभेंदु अधिकारी ने 8 जून को बागी सांसदों से तब मुलाकात की थी, जब तृणमूल संसदीय दल में फूट पड़ रही थी. हालांकि, जब से सांसद औपचारिक रूप से एनसीपीआई में शामिल हुए हैं और एनडीए को समर्थन दिया है, तब से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और बागी सांसदों के समूह के बीच कोई बैठक नहीं हुई है.


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By मिथिलेश झा

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