एसआइआर प्रक्रिया के दौरान हुईं मौतों पर शुभेंदु का बयान असंवेदनशील

राज्य में चल रही एसआइआर प्रक्रिया के दौरान हुईं कुछ मौत की घटनाओं को लेकर तृणमूल कांग्रेस का भाजपा व चुनाव आयोग पर हमला जारी है.

संवाददाता, कोलकाता

राज्य में चल रही एसआइआर प्रक्रिया के दौरान हुईं कुछ मौत की घटनाओं को लेकर तृणमूल कांग्रेस का भाजपा व चुनाव आयोग पर हमला जारी है. इसी बीच, उन घटनाओं पर राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी की टिप्पणी को तृणमूल ने अमानवीय और असंवेदनशील बताया है.

तृणमूल की ओर से कहा गया कि एसआइआर सुनवाई के दबाव और भय से होने वाली मौत की घटनाओं को लेकर श्री अधिकारी ने मीडिया के समक्ष कहा था कि पूरी एसआइआर प्रक्रिया में किसी कारण से किसी की मौत न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. जन्म-मृत्यु एक चक्र है. प्रतिदिन और हर घंटे मौत की घटनाएं होती हैं. तृणमूल का आरोप है कि एसआइआर सुनवाई के नाम पर आम लोगों को मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है. शुभेंदु अधिकारी के बयान पर तृणमूल प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा : कोई इंसान ऐसा बयान कैसे दे सकता है?

एक बुजुर्ग को ठंड में कई किलोमीटर चलकर यह साबित करना पड़ रहा है कि वह रोहिंग्या नहीं है. इस मानसिक दबाव के बीच अगर उसकी मौत हो जाये और उसे ‘स्वाभाविक’ कहा जाये, तो यह बेहद शर्मनाक है. अरूप चक्रवर्ती ने एसआइआर से जुड़ीं मौतों की जिम्मेदारी चुनाव आयोग के साथ-साथ भाजपा पर भी डाली. तृणमूल नेता का कहना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पहले ही एसआइआर प्रक्रिया को अव्यवस्थित और जनविरोधी बता चुके हैं. पार्टी का दावा है कि लोगों की जान से बड़ा कोई प्रशासनिक काम नहीं हो सकता और एसआइआर के नाम पर हो रहीं मौतों की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.

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