कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कोलकाता पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि महानगर में हुए विवाद की घटना में एक समुदाय के लोगों को जमानत मिल गयी है, जबकि दूसरे समुदाय के लोगों को तीन महीने से जेल में रखा गया है.
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि नारकेलडांगा थाना क्षेत्र में काली पूजा के दौरान पूजा मंडप पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार किये गये मुस्लिम समुदाय के लोगों को 10 दिनों में जमानत मिल गयी, लेकिन सिख समुदाय के गुरजीत सिंह और उनके बेटे जो 12वीं कक्षा के छात्र हैं, उनको अब तक जमानत नहीं मिली है. विपक्ष के नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस के षड्यंत्र के कारण उन्हें जमानत नहीं मिल पायी और इसलिए हम इस पक्षपात का विरोध कर रहे हैं. श्री अधिकारी ने कहा कि घटना के वक्त वो छात्र वहां मौजूद ही नहीं था, लेकिन उसे आरोपी के तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया. श्री अधिकारी ने गुरजीत सिंह और उनके बेटे की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए सोमवार को डिप्टी कमिश्नर (सेंट्रल) के सामने प्रदर्शन किया. इस मौके पर श्री अधिकारी ने कहा कि आखिर ममता बनर्जी की पुलिस सिख समुदाय के लोगों के खिलाफ ऐसी सख़्ती से क्यों पेश आ रही है?
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